देवरिया। पोस्टमार्टम हाउस चौराहा स्थित सपा के जिला कार्यालय पर शनिवार को हुई मासिक बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने का मुद्दा छाया रहा। किसी भी तरह से कुर्सी पार्टी के पास ही रखने पर जोर दिया गया। पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करने और जरूरत पड़ने पर अध्यक्ष के पक्ष में मतदान करने को कहा गया। भाजपा नेताओं पर साजिश के तहत मौजूदा अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को फंसाने का आरोप लगाया गया।
जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव उर्फ बबलू के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का सपा के जिला पंचायत सदस्य 12 जून को विरोध कर सपा के सम्मान को बचाएं। इस मुद्दे पर पूरी पार्टी एक साथ खड़ी है। कहा कि लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ता सक्रिय हो जाएं और पार्टी वोटरों का अधिक से अधिक नाम सूची में शामिल कराएं। विरोध दल के नेता साजिश के तहत पार्टी के वोटरों का नाम कटवाने का कुचक्र रच रहे हैं। इसे लेकर सावधान रहने की जरूरत है। पूर्व मंत्री शाकिर अली ने कहा कि देवरिया पुलिस भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष को हथकड़ी लगाकर पेश करने की जितनी निंदा की जाए कम है। पूर्व विधायक सुरेश यादव ने कहा कि रामप्रवेश यादव बबलू के मामले को पुलिस बेवजह तिल का ताड़ बनाया गया है। आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने निशाना बनाकर कार्रवाई हुई। विधान परिषद सदस्य रामसुंदर दास निषाद ने कहा कि पुरानी बातों को भूलकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने की जरूरत है। इसी में पार्टी और कार्यकर्ताओं का सम्मान है। इस दौरान एमएलसी रामअवध यादव, बाबूलाल यादव, छेदीलाल यादव, बेचूलाल चौधरी, वजहुल कमर सिद्दीकी, कमला यादव, संतोष यादव, सूरज यादव, प्रभात कुमार यादव, धर्मवीर गुप्ता, मनोज लारी, मंजूर हसन, पारसनाथ, उमेश नरायण शाही, विजय लक्ष्मी गौतम, रामेश्वर सिंह, कन्हैया मौर्य, मानवेंद्र यादव, ऋषिकेश यादव आदि मौजूद रहे।