देवरिया। खुखुंदू में लेखपाल के घर को चोरों ने निशाना बनाया। छत पर सो रहे परिवार के सदस्यों को इसकी भनक नहीं लगी। भोर में नींद खुलने पर महिलाओं को इसकी जानकारी हुई। लोगों ने एसओ को फोन किया, लेकिन सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया।
बासुदेवपुर गांव निवासी सत्यानंद तिवारी को फौज से सेवानिवृत्त होने के बाद लेखपाल की नौकरी मिल गई। सोमवार की रात पूरा परिवार छत पर और लेखपाल का बेटा अजीत घोठा पर सोने के लिए चला गया। छत के रास्ते घर में दाखिल हुए चोरों ने आलमारी और बॉक्स का ताला तोड़कर करीब 35 हजार रुपये नकद और तीन महिलाओं का छह लाख रुपये का जेवर चुरा ले गए। लेकिन इसकी जानकारी घरवालों को नहीं हुई। भोर में नींद खुली तो छत का फाटक अंदर से बंद पड़ा था। महिलाओं ने किसी तरह धक्का देकर उसे खोला। अंदर कमरों में बिखरा सामान देख महिलाएं शोर मचाने लगीं तो गांववालों की भीड़ जुट गई। लोगों ने खुखुंदू एसओ के सीयूजी नंबर पर फोन किया। कई बार घंटी बजने के बावजूद मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद लोगों ने 100 नंबर पर फोन किया तो पुलिस पहुंची। एसओ मृत्युंजय पाठक ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की छानबीन की जा रही है।