इस्लाम का आतंकवाद से वास्ता नहीं : अख्तर
पिपरा मदन गोपाल में हुआ जलसा ओर दस्तारबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। देसही देवरिया के पिपरा मदन गोपाल में बुधवार की रात जलसा और दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। रात भर फिजा में इस्लाम की शिक्षाएं और कुरान की आयतें गूंजती रहीं। मुल्क की सलामती और शांति के लिए दुआएं हुई।
अरबिया अनवारुल उलूम मदरसा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड से आए मौलाना मुफ्ती हनीबूल कादरी ने अपने तकरीर में कहा कि जिंदगी की हर खुशी अल्लाह के लिए समर्पित है। दिल्ली से आए मौलाना नवीन अख्तर ने कहा कि शरियत और कुरान का उद्देश्य इंसान को एक बनने की तालीम देना है। कुछ भटके हुए लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं, मगर वह अधर्मी हैं। उनका इंसानियत और धर्म से कोई वास्ता नहीं है। कहा कि अधर्मी हर दौर में पैदा होते हैं। मगर अल्लाह के नेक बंदे, पैगंबर आगे बढ़कर उनको मिटाते हैं। इस्लाम एक मुकम्मल धर्म है। इसमें तब्दीली नहीं की जा सकती। इसका आतंकवाद से कोई वास्ता नहीं। आजमगढ़ के एहसान शाकिर ने अपने पैगाम में कहा कि मुल्क की सलामती और अमन हमारे कौम व मुल्क की पहचान है। इसे कायम रखने के लिए हम अपनी हर खुशी कुर्बान कर देंगे। पैना से आए अजहरुल कादरी ने अपने नात और तकरीर से हिंदू-मुस्लिम एकता का पैगाम दिया। कार्यक्रम में झारखंड के सुल्तान अहमद और पडरौना के अमरुद्दीन की दस्तारबंदी की गई। उन्हें हाफिजे कुरान की पदवी दी गई। इस दौरान मौलाना बशीर अहमद, मोहम्मद राशिद खां, खुर्शीद आलम, इफ्तिकार सिद्दीकी, मैमूल खां, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अलाउद्दीन आदि मौजूद रहे।