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डॉक्टरों को रास नहीं आ रही जन औषधि की दवाएं

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जन औषधि केंद्र से सिर्फ 98 ने खरीदी दवाएं
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दलालों की सक्रियता से दवा खरीदने बाहर जाने को मजबूर हैं लोग
महिला अस्पताल में भी 250 लोगों को ही बेची गई दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। रोजाना करीब एक हजार की ओपीडी और 200-300 मरीजों की इमरजेंसी वाले जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र पर खरीदारों का टोटा है। इस केंद्र से मरीज सस्ती दवा खरीदने नहीं आ रहे है। पिछले 10 दिनों में सिर्फ 98 मरीजों ने यहां से दवाएं खरीदी हैं, जबकि महिला अस्पताल में 250 मरीजों को दवा बेची गई है। जन औषधि केंद्र के यह आंकड़े अस्पतालों में सक्रिय दलालों की कारगुजारियों को जाहिर कर रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टर वही दवाएं लिख रहे हैं, जो बाहर की दुकानों पर उपलब्ध हैं। लिहाजा मरीज को मजबूर होना पड़ रहा है।
सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार और सस्ती दवा के लिए 15 जुलाई को जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुला। इन केंद्रों पर 600 से अधिक मर्ज की दवा मिलेगी। डॉक्टर और कर्मचारी जन औषधि केंद्र के बजाए बाहरी दुकानों से दवा लाने के लिए मरीजों पर दबाव डाल रहे हैं। जंगल इमलिया गांव निवासी विशाल को पेट में दर्द था। इमरजेंसी में वह भर्ती था। घरवाले 300 रुपये की बाहर से दवा खरीदे थे। गौरीकोठी गांव की अर्चना के घरवालों को कुछ दवाइयां अस्पताल से मिली थी और 200 से अधिक रुपये की दवा बाहर से खरीदना पड़ा। मरीजों का आरोप है कि जन औषधि केंद्र से दवा लेकर जाने पर डॉक्टर वापस कर बाहर से दवा खरीद कर लाने को कह रहे हैं। जिम्मेदार की उदासीनता के कारण जन औषधि केंद्र खुलने के बाद भी मरीजों को दवा खरीदने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है। इसकी क्रॉस चेकिंग कराई जाएगी और पकड़े जाने पर डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी होगी।
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डॉक्टर लौटा रहे दवा
जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर 35 मर्ज का दवा उपलब्ध है, जबकि महिला अस्पताल के केंद्र पर 69 मर्ज की दवा है। शुगर, बीपी, एंटी बॉयटिक, गैस, आई ड्राप्स, नोजल ड्राप्स, आयरन की गोली, खासी की दवा, स्कीन की दवा, दर्द का इंजेक्शन, मरहम सहित हर वह दवा उपलब्ध है, जिसकी मरीजों की ज्यादा जरूरत होती है। दुकान पर मौजूद वर्करों का कहना है कि ऑर्डर दिया गया है। बहुत जल्द अन्य दवाएं भी आ जाएगी। डॉक्टर बहुत कम दवा जन औषधि केंद्र की लिख रहे हैं।
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