फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूखे के हालात दिखने लगे

विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। किसानों की मुश्किलें दोबारा बढ़ सकती है। पानी की कमी से धान और गन्ना की फसल सूखने के कगार पर है। सिंचाई के लिए जरूरी बारिश और नहरों में पानी नहीं आने से ऐसी नौबत आई है। फसल देख किसानों की हालत खराब है। सूखे की आशंका से हलकान हैं।
विज्ञापन

कुछ दिन पहले तक जिले में बाढ़ का कहर रहा है। रुद्रपुर के अधिकांश गांव बाढ़ से जूझ रहे हैं। राहत आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले की तीन तहसील में बाढ़ का कहर रहा है। 11657 हेक्टेयर फसल डूब गई, लेकिन अब पानी की कमी से देसही देवरिया और बरियारपुर, डुमरी, विशुनपुर कला, कुसहरी, महुआनी इलाके के किसानों की दिक्कत बढ़ गई है। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं पानी की कमी से फसल चौपट न हो जाए। नौतन हथियागढ़, सहोदर पट्टी, कोटवा, वृंदावन, शाहजहांपुर, चकिया, हेतिमपुर, लक्ष्मीपुर, पिपरा मदन गोपाल में कुछ जगहों पर फसल सूख रही है। गन्ना के खेत की नमी भी खत्म हो गई है। सूखने के हालात से जूझ रहे हैं। सहोदर पट्टी-नौतन हथियागढ़ के द्वारिका रजवाहा में पानी नहीं आया है। सिरसिया और देवरिया में पानी छोड़ा गया है लेकिन फसलों तक पानी नहीं पहुंचा। किसानों ने बताया कि बारिश नहीं हो रही है। फसल तैयार होने को है। अब तक पांच से छह बारसिंचाई करा चुके हैं। यही हाल रहा तो चार से पांच बार पानी चलाना पड़ेगा। एक एकड़ में एक बार पानी चलाने में न्यूनतम आठ घंटा लगेगा, जिससे 1500 रुपये का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा। इस बाबत बीकेश कुमार पटेल, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले बारिश हुई है। इससे फसलों को राहत तो मिली है। आगे के दिनों में बारिश की संभावना है। इसके चलते फसल संभल सकता है।

कुछ ऐसे बोई गई फसल
धान-1.33400 लाख हेक्टेयर, गन्ना-7500 हेक्टेयर, मक्का-5068 हेक्टेयर, अरहर-4957, मूंगफली-दो हजार, बाजरा-243 हेक्टेयर, तील-90 हेक्टेयर, ज्वार-56 हेक्टेयर, उड़द-चार हेक्टेयर
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें