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राष्ट्रवाद का नारा, मोदी नाम सहारा

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याोगी - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मूड और मिजाज शनिवार को अलग था। उत्साहित भीड़ को देख योगी जनता से सीधे जुड़े। कुंभ के शानदार आयोजन की याद दिलाई तो सरकारी योजनाओं की सफलता पर लाभार्थियों से हामी भरवाई। राष्ट्रवाद का नारा दिया और जाति-धर्म दरकिनार कर मोदी के नाम वोट देने की अपील की।
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17 मिनट के भाषण में उन्होंने 17 बार फिर एक बार मोदी सरकार का नारा लगाया तो भीड़ ने भी हर बार पूरे उत्साह के साथ उसे दोहराया। योगी ने कहा कि यह नारा अचानक नहीं आया है। इसके लिए पांच वर्ष तक मोदी जी ने परिश्रम किया है। ईमानदारी से योजनाओं को समाज के हर तबके तक पहुंचाने का काम किया। आज वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। योग और कुंभ को वैश्विक मान्यता मिली। पाकिस्तान में अंदर घुसकर भारत ने हमला किया तो पूरी दुनिया साथ खड़ी रही। यह मोदी जी के करिश्माई नेतृत्व का ही असर था। आज भारत की धरती पर आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। अगर किसी ने निर्दोष, मासूम लोगों पर बम विस्फोट किया तो उसे पाताल से भी ढूंढकर परलोक पहुंचाया जाएगा। कुंभ के भव्य आयोजन की याद दिलाते हुए कहा कि कुंभ में 24 करोड़ लोग आए, लेकिन न कोई गंदगी हुई और न कोई खतरा। हम शांतिपूर्ण ढंग से पर्व-त्योहार मना रहे हैं यही भाजपा सरकार की सफलता है। आवास, शौचालय, आयुष्मान योजना, किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस 60 और सपा-बसपा 15 वर्षों में भी इन योजनाओं का लाभ जनता को नहीं दे सकीं। मोदी जी ने बिना किसी भेदभाव, जाति-धर्म पूछे बिना सबको लाभान्वित किया। फिर उनके चुनाव में आप जाति-धर्म पर वोट कैसे दे सकते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहिए, बस यही संकल्प दिलाने आया हूं।


गन्ना बेल्ट के किसानों को लुभा गए योगी
भाटपाररानी। बिहार सीमा से सटा भाटपाररानी क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए चर्चित है। इसी गन्ने के बल पर प्रतापपुर और भटनी चीनी मिलों का संचालन होता रहा। भुगतान में देरी और मिलों की दुर्दशा से किसानों ने गन्ने की खेती से मुंह मोड़ लिया। बीआरडी इंटर कॉलेज की सभा में योगी ने गन्ना बेल्ट के किसानों को रिझाने में कसर नहीं छोड़ी। सपा-बसपा पर मिलों को बंद कराने का आरोप मढ़ा तो चीनी के कटोरे मेें नई मिलों को शुरू कराने का वादा भी किया। कहा कि गन्ना किसानों को हर वर्ष उनकी उपज का भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। पिपराइच और मुंडेरवा का उदाहरण देते हुए कहा कि चीनी मिलों को आधुनिक तरीके से चलाया जा रहा है। मिलों से चीनी के साथ एथेनाल और बिजली भी पैदा की जा रही है। उन्होंने किसानों को सम्मान निधि की याद दिलाते हुए अवशेष किसानों को चुनाव बाद दूसरी-तीसरी किस्त दिलाने का भरोसा दिलाया।
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