खेल के मैदान में बना दिया स्कूल, विधायक निधि से हुई बाउंड्री
सदर तहसील के बसंतपुर सिरसिया गांव के संस्कृत विद्यालय का मामला
शिकायत के बाद हुई पैमाइश से खुली पोल, शुरू हुई बेदखली की कार्रवाई
पूर्ववर्ती सपा सरकार में विधायक निधि से विद्यालय को दिए गए थे करीब 10 लाख
मनीष जायसवाल
देवरिया। गांव के राजस्व अभिलेख में जो भूमि खेल के मैदान के रूप में दर्ज है, उसपर विद्यालय खुला हुआ है। सार्वजनिक भूमि पर ही विद्यालय के 15 कमरे बने हैं। पूर्ववर्ती सपा सरकार में विधायक निधि देकर उसकी बाउंड्री कराई गई और हाल बनवाया गया। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला उजागर होने पर महकमे में खलबली मच गई है। राजस्व टीम की रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने बेदखली की कार्रवाई शुरू की है। उधर, डीआरडीए ने भी विधायक निधि के दुरुपयोग पर नोटिस देकर प्रबंधक से जवाब मांगा है।
सदर तहसील के बसंतपुर सिरसिया गांव में श्री प्रकाश संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व श्री प्रकाश संस्कृत महाविद्यालय संचालित हैं। संस्था को पूर्ववर्ती सपा सरकार में विधायक रहे शाकिर अली ने अपनी निधि से तीन किस्तों में कमरा, बाउंड्री और हाल निर्माण के लिए करीब दस लाख रुपये दिए थे। गांव निवासी अवध बिहारी तिवारी ने नवंबर में जिले की प्रभारी व बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र देकर आरोप लगाया था कि जिस विद्यालय को धनराशि दी गई है, उसके नाम पर भूमि ही नहीं है। मंत्री के निर्देश पर डीएम ने तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम को पैमाइश के निर्देश दिए थे। जांच में जिस भूमि पर विद्यालय संचालित हो रहा है, वह खेल का मैदान मिला। संस्कृत विद्यालय के नाम पर एक अन्य भूमि राजस्व रिकार्ड में अंकित है, लेकिन उस पर कोई निर्माण ही नहीं है। इसी प्रबंध समिति के अंतर्गत संचालित जनता लघु माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर धुसी के नाम पर भी आवंटित भूमि पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत सदर एसडीएम रामकेश यादव ने बताया कि तहसीलदार की जांच आख्या 20 जनवरी को मिली थी। इसे डीआरडीए को प्रेषित किया गया है। सार्वजनिक भूमि पर निर्माण के विरुद्ध तहसीलदार के माध्यम से बेदखली की कार्रवाई की जा रही है।
पीडी बोले : दिया गया है नोटिस
डीआरडीए के परियोजना निदेशक महेश नारायण पांडेय ने बताया कि शिकायत के बाद पिछले दिनों वह मौके पर गए थे। विधायक निधि से अवमुक्त धनराशि से स्वीकृत कार्य अधूरे होने पर विद्यालय को नोटिस दिया गया था। एसडीएम की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जहां तक विधायक निधि का सवाल है तो विद्यालय के नाम भूमि दर्ज होने का रिकार्ड पेश किया गया था। इसके आधार पर धनराशि अवमुक्त की गई। अब निर्माण विद्यालय की जमीन में हुआ या कहीं और, इसका सत्यापन राजस्व विभाग कर सकेगा। अगर सार्वजनिक भूमि पर निर्माण है तो उसे हटवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
लोगों ने की है झूठी शिकायत : त्रिपाठी
देवरिया। विद्यालय प्रबंध समिति के करुणापति त्रिपाठी ने बताया कि निजी द्वेष के चलते कुछ लोगों ने झूठी शिकायत की है। चकबंदी के दौरान खेल मैदान के नाम के आगे स्कूल शब्द छूट गया था। इस पर आपत्ति लगाई गई थी, जिस पर संशोधन आदेश हुआ है। पूर्व में पैमाइश को आई राजस्व टीम को सारे अभिलेख दिखाए गए थे, जिन्होंने पक्ष में रिपोर्ट दी। नए रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है। अगर भ्रामक रिपोर्ट दी गई है तो उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।