माध्यमिक के छात्र सीखेंगे गैर प्रांतों की भाषाएं
मध्य भाषा संगम कार्यक्रम के तहत 21 दिसंबर तक जिले के स्कूलों में चलेगा अभियान
विभिन्न भाषाओं के सामान्य वाक्यों से होंगे परिचित
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र परंपरागत विषयों की पढ़ाई के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं के सामान्य वाक्यों से भी परिचित होंगे। पोस्टर, बैनर के साथ ही शिक्षक उन्हें आम बोलचाल की भाषा में इन वाक्यों का प्रयोग करने के लिए भी प्रेरित करेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। 21 दिसंबर तक इसके लिए एक भारत-श्रेष्ठ भारत अभियान के अंतर्गत मध्य भाषा संगम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जिले में वर्तमान में 524 माध्यमिक विद्यालयों का संचालन हो रहा है। केंद्र सरकार एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली की योजना है कि छात्र हिंदी, अंग्रेजी व स्थानीय भाषा के अलावा अन्य प्रांतों की भाषाओं से परिचित हों। एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत भाषा की विधिधता को समझने के दृष्टिकोण से मध्य भाषा संगम कार्यक्रम तैयार किया गया है। सरकार ने इसे देश के माध्यमिक स्कूलों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा अभियान के निर्देश के बाद जिले में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचंद राम ने बताया कि भाषा संगम कार्यक्रम जिले के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन मान्यता प्राप्त हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू होकर 21 दिसंबर तक चलेगा। इसके अंतर्गत 22 भाषाओं के पांच सामान्य वाक्यों को शामिल किया गया है। प्रत्येक दिन के लिए एक भाषा निर्धारित की गई है। प्रार्थना सभा में निर्धारित भाषा जैसे असमिया, बंगाली व अन्य भाषाओं में पांच वाक्यों की जानकारी दिया जाना है। भाषा संगम से संबंधित गतिविधियों को यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड करना है। साथ ही निर्धारित ईमेल व आईडी पर भी आयोजित कार्यक्रमों का वीडियो अपलोड करना है। अपलोड किए गए वीडियो व फोटोग्राफ्स के आधार पर चार श्रेणियों में पुरस्कृत भी किया जाएगा।