सलेमपुर सीएचसी पर प्रदर्शन करते लोग
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सलेमपुर। 12 दिन पहले सीएचसी पर ऑपरेशन कराने वाले मरीज की आंख खराब हो गई है। सोमवार को पीड़ित के साथ सीएचसी पहुंचकर घरवालों ने नाराजगी जताई। ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और जांच की मांग की। उधर, हंगामे को देख चिकित्सक-कर्मी सहमे रहे। सीएमओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
सीएचसी पर तैनात नेत्र सर्जन डॉ. मोहम्मद इकबाल अहमद ने 12 जुलाई को मईल थानाक्षेत्र के तेलिया कलां निवासी जनक गोंड (80) के दाएं आंख में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया था। सीएचसी पर पहुंचे जनक गोड़ का कहना था कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद आंख खुलने पर पांच मिनट तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उसके बाद दिखना बंद हो गया। सोमवार को परिजनों ने उन्हें नेत्र चिकित्सक को दिखाया तो डॉक्टर ने जांच के बाद आंख में संक्रमण बताते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। इसके अलावा भिंगारी बाजार के 75 वर्षीय रामदेव प्रसाद व नगर के टीचर कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय सिंगरा देवी ने बांयी आंख के ऑपरेशन के बाद नहीं दिखने की शिकायत की। डॉक्टर की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध मरीजों के परिजनों ने अस्पताल पहुंच हंगामा किया और नारेबाजी की। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की। इस संबंध में चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल अहमद का कहना था कि इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है। दो मरीज ठीक हैं। सही देखभाल नहीं करने से एक को संक्रमण हुआ है, जिसे दवा देकर फिर चेक कराने को कहा गया। बताया कि अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों ने निजी स्वार्थों में लोगों को भड़काया है। उधर, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र चौधरी का कहना था कि फिलहाल वह जिले से बाहर हैं। लौटने के बाद मामले की जांच कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।