देवरिया। जिले को पहली बार फोरलेन सड़क मिली है। गोरखपुर से सलेमपुर तक चल रहा निर्माण कार्य गति पकड़ चुका है। पैदल यात्रियों से लगायत बड़े वाहनों की सुविधा के लिए फोरलेन पर कुल 39 पुलिया बनाए जाएंगे। इनमें 14 पुलिया बनकर तैयार हो चुकीं हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीके चौधरी ने बताया कि सड़क के बीचोबीच ढाई मीटर चौड़ा फूलों और पौधों की क्यारियां बनाई जा रही हैं। इसमें रंगबिरंगे फूलों के अलावा आकर्षक पौधे लगाए जाएंगे। फूल-पत्तियों की देखरेख का जिम्मा लोक निर्माण विभाग का ही होगा। यह सड़क दूधिया रोशनी से जगमग होगी। नगरों में नगर पालिका राहगीरों के लिए प्रकाश की व्यवस्था करेगी। फोरलेन की कुल चौड़ाई 22 मीटर होगी। दो पहिया वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए किनारे 1.7 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इससे आसपास के लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। यात्री फोरलेन से जुड़ी किसी प्रकार की शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर कर सकेंगे। यह हेल्पलाइन नंबर सड़क किनारे बोर्ड पर अंकित होंगे। फोरलेन के निर्माण की बड़ी खासियत यह है कि जब तक जमीन में मजबूत मिट्टी नहीं मिल पाती वहां से काम आगे नहीं बढ़ता। हल्की मिट्टी को सड़क से निकाल कर मजबूत मिट्टी पर ही फोरलेन निर्माण का कार्य शुरू होता है। चाहे इसके लिए चार मीटर नीचे से भी मिट्टी क्यों न निकालनी पड़े। यही कारण है कि गुणवत्ता के लिहाज से फोरलेन सड़कें बाकी सड़कों के मुकाबले काफी महंगी होती हैं। कुल 80 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 332 करोड़ रुपये का बजट मिला है।
दस साल है फोरलेन की वारंटी
फोरलेन की वारंटी दस साल की है। इसकी गुणवत्ता चार साल तक जस की तस बरकरार रहेगी। इसके बाद हर साल इसकी मरम्मत का काम निर्माण कर्ता कंपनी कराती रहेगी। साल दर साल एक इंच मोटे लेयर बिछाए जाएंगे जिससे इसकी गुणवत्ता बनी रहे।