देवरिया। मोर्चरी में बंद महिला के शव से गहने चोरी हो गए। इस बात की जानकारी उस वक्त हुई जब सोमवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए निकाला गया। इस पर परिवारवालों ने आपत्ति दर्ज कराई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस को हाथ-पांव फूल गए। मामले को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है।
सलेमपुर कोतवाली इलाके के कौड़िया मिश्र गांव निवासी दिनेश प्रसाद सिपाही के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी मैनावती देवी पिछले कुछ दिनों से गोरखपुर में ही थीं। रविवार को वह सलेमपुर से टेंपो में सवार होकर घर जा रही थीं। नवलपुर चौराहे के पास टेंपो चालक यात्रियों से किराया ले रहा था। इसी दौरान पीछे आ रहे चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दिया। इससे टेंपो में सवार सभी घायल हो गए। हादसे में मैनावती देवी को गंभीर चोट लग गई। आसपास के लोगों ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचवाया। उपचार के दौरान मैनावती ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। उस दौरान मैनावती के शरीर पर मंगलसूत्र, अंगूठी, बिछिया, नाक और कान में कील थी। सोमवार को जब शव को पोस्टमार्टम के लिए बाहर निकाला गया तो गहने गायब थे। इस पर परिवारवालों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आखिर मोर्चरी से गहने कैसे चोरी हो गए?
मोर्चरी में बंद शव की जिम्मेदारी जिला अस्पताल प्रशासन की होती है। परिवार के लोग गहने होने की बात कह रहे हैं जबकि दरोगा ने पंचनामा भरा तो गहना ही नहीं था। हो सकता है कि घटनास्थल पर ही गहने गिर गए हों।
सत्येंद्र पांडेय, सदर कोतवाल