‘ट्रेंचिंग ग्राउंड’ नहीं बना, निकायों के बजट पर लगी रोक
एनजीटी ने कसा शिकंजा तो शासन ने बरती सख्ती
डीएम ने पत्र जारी कर बजट खर्च करने पर लगाई रोक
किसी भी नगर पंचायत और नगर पालिका में नहीं खोजी गई जमीन
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। ट्रेंचिंग ग्राउंड (कूड़ा एकत्रित करने का स्थान) बनाने में लापरवाही निकायों को भारी पड़ गई है। शासन ने इनके बजट खर्च करने पर रोक लगा दी है। अब यह रोक तभी हटेगी, जब वह ट्रेंचिंग ग्राउंड निर्माण पूरा कराएंगे। देवरिया के डीएम ने इसके लिए ईओ और कोषाधिकारी को पत्र लिखा है।
नगर पालिका और नगर पंचायतों के लिए कचरा निस्तारण नासूर बनता जा रहा है। स्थायी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का इंतजाम नहीं होने के कारण घनी आबादी के बीच गंदगी का अंबार लग रहा है। नगर प्रशासन को शासन ने जमीन खरीदने और ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए दर्जनों बार पत्र लिखा होगा। डीएम ने भी कई बार बैठक कर कड़ाई से आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था। बावजूद नगर प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं हैं और बहानेबाजी कर रही है। एनजीटी ने जब शिकंजा कसा तो मुख्य सचिव अनूप चंद पांडेय ने जिला प्रशासन को 14वां राज्य वित्त, निकाय फंड और अवस्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। इसकी वजह से पूर्व में निर्माण कार्य और उपकरणों की सप्लाई देने वाले फर्मों का 20 करोड़ से अधिक भुगतान फंसा है। डीएम अमित किशोर ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने में कोई भी नगर पालिका और नगर पंचायत रुचि नहीं ले रहा है। शासन के निर्देश पर बजट खर्च पर रोक लगा दी गई है।
रोक लगी तो बैकडेट में होने लगा भुगतान
बजट पर रोक लगने के बाद ठेकेदारों की परेशानी बढ़ गई। कुछ नगर पंचायत और नगर पालिका में कर्मचारियों की मिलीभगत से ठेकेदार बैकडेट में भुगतान करा रहे हैं। इसकी भनक तक जिम्मेदारों को नहीं लग रही है। चार दिनों के अंदर करोड़ों का भुगतान बैक डेट में कई फर्मों को कर दिया गया।