दवाओं की कमी हुई तो सीएमओ होंगे जवाबदेह
वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दी चेतावनी, संचारी रोग की हुई समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सरकारी अस्पतालों में अगर दवाओं की कमी हुई तो अब सीएमओ की जवाबदेही तय होगी। उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी सीएमओ को दिशा निर्देश देते हुए हिदायत दी।
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुरेश चंद्रा ने प्रदेश के सभी सीएमओ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर विशेष संचारी रोग एवं दस्तक अभियान के तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जुलाई से शुरू हो रहे इस अभियान को गांवों तक सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, एएनएम, ग्राम प्रधान, नोडल शिक्षकों के प्रशिक्षण का काम 28 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। दिमागी बुखार की पहचान के लिए सभी जिलों में फीवर हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिए। अगर संक्रामक रोग फैलते हैं तो इसकी सूचना तत्काल राज्य मुख्यालय को दी जाए। किसी भी योजना से जुड़े लोगों के वेतन या मानदेय का भुगतान भी तुरंत किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सीएमओ को मांग के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पतालों में दवाएं पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। यदि जिले में दवाओं की कमी हुई तो सीएमओ जिम्मेदार होंगे। जिस भी जिले में दवाओं की कमी हो वह बताए, डीएम के जरिए मामला सामने आने पर अच्छा नहीं होगा।
पैथालॉजी जांच नहीं होने की शिकायत
जिला अस्पताल के पैथालॉजी में खून की जांच नहीं होने की शिकायत प्रमुख सचिव तक पहुंची थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने ऐसी शिकायत से इन्कार किया और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. छोटेलाल को बुलाया गया। उन्होंने शिकायत को गलत ठहराया और पैथालॉजी में हुए जांच का रिकॉर्ड बताया।