देवरिया। एक सप्ताह पूर्व बच्ची को जन्म देने वाली नेत्रहीन महिला के पति ने उस पर जानलेवा हमला किया। धारदार हथियार से पत्नी और सास की गर्दन काटने की कोशिश की। घटना के वक्त आरोपी ससुराल आया हुआ था। पत्नी और सास एक साथ कमरे में सो रही थीं। गंभीर हाल में दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। फिलहाल नवजात सुरक्षित है। सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है।
रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के मदरापाली गांव निवासी बसंत यादव की शादी सदर कोतवाली क्षेत्र के बढ़या बुजुर्ग गांव निवासी नेत्रहीन रीमा (23) संग डेढ़ वर्ष हुई थी। आठ माह से रीमा अपने मायके में रह रही है। एक सप्ताह पूर्व उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को देखने के लिए रविवार को बसंत अपने ससुराल पहुंचा। परिवार के साथ भोजन करने के बाद सो गया। बताते हैं कि रात करीब दो बजे वह उठा और धारदार हथियार से पत्नी पर हमला कर दिया। चीख सुनकर बीचबचाव करने पहुंची सास बदामी देवी (50) पर भी प्रहार कर दिया। आसपास के लोगों ने किसी तरह बसंत को पकड़ा और उसे बरामदे में रस्सी में बांधकर पुलिस को सूचना दी। रीमा के दाहिने हाथ और सिर पर गंभीर चोट आई है। घायल रीमा और बदामी देवी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत नाजुक बताते हुए डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले आई। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी स्पष्ट नहीं हो पाया था कि बसंत ने हमला क्यों किया। कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि घटना का कारण पारिवारिक विवाद प्रतीत हो रहा है। घायल मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रीमा का गर्दन काटने का किया प्रयास
शादी के बाद रीमा और बसंत के बीच कुछ बातों को लेकर मनमुटाव चल रहा था। इसकी वजह से मायके में रीमा रह रही थी। बच्ची पैदा होने की सूचना मिलने पर बसंत पहुंचा तो पत्नी काफी खुश हुई, लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी जान लेने की योजना बनाकर बसंत पहुंचा है। घायल सास बदामी देवी का कहना है कि बसंत ने रीमा की गर्दन काटने की कोशिश की, लेकिन शुक्र है कि उसकी जान बच गई।
बाल-बाल बची मासूम
घटना के वक्त एक सप्ताह पूर्व पैदा हुई नवजात बच्ची मां के बगल में सो रही थी। संयोग था कि हथियार बच्ची तक नहीं पहुंचा, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। हर किसी की जुबां पर इसी की चर्चा थी। लोग बसंत को कोसते रहे तो भगवान का शुक्रिया भी करते रहे।