देवरिया। जिले में बीएड, बीटीसी डिग्री शिक्षकों की लंबी फौज है। बावजूद प्राइमरी के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक ढूंढने से भी नहीं मिल रहे हैं। नए सत्र में बस दो दिन शेष रहे गए हैं, मगर अब तक अंग्रेजी माध्यम में चयनित नए 104 परिषदीय विद्यालयों के लिए शिक्षक ही नहीं मिल पाए हैं। कुल 520 शिक्षकों की जरूरत है, जबकि अंतिम तिथि (26 मार्च) तक महज 150 शिक्षकों ने ही आवेदन कर अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने की इच्छा जताई है। यही हाल रहा तो इन स्कूलों का संचालन मुश्किल हो जाएगा।
परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट की तर्ज पर तैयार करने के लिए शासन ने गत वर्ष से अंग्रेजी माध्यम का पाठ्यक्रम चुनिंदा स्कूलों में शुरू किया है। पहले सत्र में प्राथमिक स्तर के 90 स्कूल चयनित किए गए थे। एक अप्रैल से शुरू हो नए शैक्षिक सत्र से पूर्व माध्यमिक स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। जिले के 16 ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र से प्राथमिक के 85 और जूनियर स्तर के 19 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों के लिए एक प्रधानाध्यापक और चार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होनी है। प्रत्येक विकास खंड में पहले से कार्यरत शिक्षकों से जो स्नातक या इंटर स्तर पर एक विषय के रुप में अंग्रेजी पढ़े हैं, उन्हीं का चयन किया जाना है। 26 मार्च तक इन्हेें आवेदन जमा कर देना था। अब तक 104 विद्यालयों के सापेक्ष 150 से भी कम सहायक अध्यापकों ने इसके लिए आवेदन किया है, जबकि मानक के अनुसार जरूरत 520 शिक्षकों की है। पद के अनुरूप आवेदन नहीं आने से विभागीय अधिकारी भी परेशान हैं। उनकी चिंता यह है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं मिले तो स्कूलों का संचालन कैसे होगा।
परीक्षा होना मुश्किल, आवेदकों में से ही भरे जाएंगे पद
डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित कमेटी ही अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए शिक्षकों का चयन होना है। प्रक्रिया में शामिल होने वाले अध्यापकों के लिए 80 नंबर की लिखित परीक्षा एवं 20 नंबर का साक्षात्कार होना है। पर्याप्त आवेदन नहीं आने से यह तय लग रहा है कि लिखित परीक्षा हो पाना संभव नहीं है।
अब पांच तक कर सकेंगे आवेदन
बीएसए ओमप्रकाश यादव ने शुक्रवार को बताया कि आवेदन की तिथि को पांच अप्रैल तक बढ़ा गया है। पहले चरण में कम शिक्षकों ने आवेदन किया है, इसलिए उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है। पूरी कोशिश होगी कि समय से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का संचालन शुरू हो जाए।