बस्ती की घटना के विरोध में की नारेबाजी, हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग
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देवरिया। बस्ती कचहरी में दिनदहाड़े साथी की हत्या से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। घटना के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जिले के न्यायालयों में कामकाज ठप रखा। अधिवक्ताओं को सुरक्षा देने की मांग को लेकर जुलूस निकाल प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। ज्ञापन सौंपते हुए न्यायालय परिसर में वादकारियों व आम लोगों का असलहा के प्रवेश रोकने की भी आवाज उठाई।
जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष सिंहासन गिरी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। घटना की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला जज व डीएम को प्रति सौंपी। अधिवक्ताओं का कहना था कि कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्कता नहीं बरत रहा। इस कारण ही आए दिन ऐसी वारदातें हो रही हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं को सुरक्षा देते हुए कचहरी में असलहाधारियों का प्रवेश रोकने और स्टैंड पर ही वाहन खड़ा करने की व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की मांग की। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामप्रसाद कुशवाहा, सचिव प्रेम नारायण मणि त्रिपाठी, अजय उपाध्याय, वरुण सिंह बघेल, संजय पांडेय, कुंदन किशोर, मनोज यादव, संदीप पांडेय आदि शामिल रहे। उधर, तहसील बार एसोसिएशन ने आकस्मिक बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया। अध्यक्ष युगल किशोरी तिवारी ने कहा कि कचहरी परिसर में हुई यह घटना कानून-व्यवस्था की सुस्ती को दर्शा रही है। उन्होंने हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में कमल मणि त्रिपाठी, अखिलेश श्रीवास्तव, राकेश शाही, आशुतोष मणि, विजय सेन यादव, रवींद्र कुमार, शिव कुमार, जशमुद्दीन अहमद, कन्हैया मिश्र, महेश मणि, कृपाशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।