देवरिया। एक साल के बकाए एरियर भुगतान और दो माह के मानदेय की मांग को लेकर शिक्षामित्राें ने बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय के मुुख्य गेट में तालाबंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षामित्रों की बीएसए से बहस हुई। मान-मनौव्वल के बाद एवं 15 दिनों के अंदर समस्या का समाधान किए जाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
गौरीबाजार ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गड़गड़ा में तैनात शिक्षामित्र शशांक शेखर सिंह, प्रमोद मणि, भगवंत सिंह, अंकलेश्वर सिंह के नेतृत्व में बकाए एरियर के भुगतान की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय के बाहर धरना देना शुरू किया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए धरने के बाद भी अधिकारियों ने कोई सुधि नहीं ली तो गुस्साए शिक्षामित्रों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर तालाबंद कर और अंदर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। इससे बीएसए कार्यालय के अंदर जाने वाले प्रवेश नहीं कर पाए। करीब दो घंटे तक तक चले धरने में शिक्षामित्रों ने कहा कि सरकार की उपेक्षा के चलते उनकी स्थिति लगातार खराब हो रही है। दो माह से विभाग ने उनका मानदेय नहीं दिया है। समायोजित शिक्षक के रुप में कार्य करने के दौरान उनका एक वर्ष के एरियर का भुगतान अब तक नहीं किया गया। धरने में प्रमोद मणि त्रिपाठी, भगवंत सिंह, सत्यप्रकाश पांडेय, रजनीश मणि त्रिपाठी, प्रशांत तिवारी, विजय सिंह, मुन्नी देवी, रीना सिंह, उषा मद्घेशिया, अंबिका तिवारी, नूरजहां, कुमकुमलता, प्रतिभा शर्मा, रीना तिवारी, पूनम शर्मा, मंजू, सीमा सिंह आदि शामिल रहे।
लेखाधिकारी पर झूठा आश्वासन देने का आरोप
चैनल गेट बंद कर धरना देने की सूचना पर अपने कक्ष से बाहर निकले बीएसए माधवजी तिवारी ने शिक्षामित्रों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आप लोग लेेखाधिकारी कार्यालय के सामने जाकर धरना दें। लेकिन वह नहीं मानें। अधिकारी व शिक्षामित्रों में खूब गर्मागर्म बहस हुई। कार्यालय के कर्मचारी भी चुपचाप इसे देखते रहे। ऐन वक्त पर वित्त व लेखाधिकारी जगदीश श्रीवास्तव भी पहुंच गए तो उनके खिलाफ जोर-जोर से नारेबाजी हुई। इसके बाद बीएसए कक्ष में शिक्षामित्रों के सामने बीएसए ने लेखाधिकारी से इस मामले में हुई प्रगति के बारे में जानकारी ली। बीएसए माधवजी तिवारी ने बताया कि एरियर भुगतान के लिए निदेशालय से बजट की मांग की गई है। अगले माह में बजट आने की भी उम्मीद है। इसके बाद भुगतान कर दिया जाएगा।