देवरिया। प्रमुुुुख सचिव नगर विकास और जिले के नोडल अधिकारी ने जिला अस्पताल का जायजा लिया, वह भी बिना वार्डों और कार्यालय में गए। रोगियों के वार्ड में गए बिना बरामदे में भ्रमण कर बाहर निकल गए। निर्माणाधीन मैटरनिटी विंग का कार्य अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया। कैंपस में बने सुलभ शौचालय की खराब हालत देख नाराजगी जताई। जिला अस्पताल में दवा की पूर्ण उपलब्धता नहीं होना और डॉक्टरों की कमी रोगियों पर भारी पड़ रही है। कैबिनेट मंत्री आए या प्रमुख सचिव, लेकिन जिला अस्पताल के सिस्टम में कोई बदलाव नहीं आया। गुरुवार को सुबह करीब नौ बजे प्रमुख सचिव मनोज सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की सफाई व्यवस्था ठीक थी। करीब आधे घंटे तक प्रमुख सचिव ने निरीक्षण किया। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। महिला अस्पताल के पास मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। जुलाई तक अस्पताल का निर्माण काम पूरा होने का समय तय था। मौजूद कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार को फटकार लगाई। अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने और अन्य कमियों को ठीक कराने की बात कही। इस दौरान डीएम सुजीत कुमार, एसपी राजीव मल्होत्रा, सीएमओ डॉ. रामनिवास, सीएमएस समेत आदि मौजूद रहे।
पीड़ितों को न्याय दे रही पुलिस
कोतवाली पहुंचे प्रमुख सचिव कोतवाली के कार्यालय में गए। नाश्ता करने के बाद बाहर निकले और मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि पुलिस की व्यवस्था बेहतर है। शिकायत पर पुलिस पीड़ितों की मदद कर रही है। प्रमुख सचिव से कोतवाली में लोगों ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर निजी प्रैक्टिस कराने पर रोक लगाने की मांग की।