देवरिया। पेेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने जिला पूर्ति विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। पंप मालिकों ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का विरोध भी किया गया। बुधवार को पंप मालिकों ने बैठक कर शासन के निर्देेशों के विपरीत जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई पर चर्चा की गई। बाद में जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि घटतौली का प्रकरण पेट्रोल पंप के संचालन में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत न होकर इंडियन लीगल मेटोलाजिकल एक्ट 2009 के अंतर्गत आता हैै। इसके अलावा प्रकरण में विधिक माप विज्ञान विभाग के कार्रवाई के अतिरिक्त पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से निर्धारित मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइड लाइन बाध्य है। जबकि जिला पूर्ति विभाग मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि 18 जुलाई को जिला पूर्ति विभाग ने तीन पेट्रोल पंपों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। कोतवाली पुलिस तीनों पेट्रोल पंपों के कर्मचारियों को उठा लाई। अब तक उन्हें नहीं छोड़ा गया है। इस कार्रवाई को लेकर जनपद के समस्त पेट्रोल पंपों पर कार्यरत कर्मचारी पंप मालिकों को काम न करने की चेतावनी दी है। संगठन ने जिलाधिकारी से दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने व 2009 अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई।