विकल्प दे प्रशासन, वरना तेज होगा आंदोलन
धरने पर डटे रहे कोऑपरेटिव चौराहे के दुकानदार
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। फोरलेन निर्माण के लिए शहर के कोऑपरेटिव चौराहे पर दुकानें तोड़ने से पीड़ित व्यापारियों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। धरनारत व्यापारियों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
धरनारत व्यापारियों का कहना था कि फोरलेन बनवाने का हवाला देकर प्रशासन ने आनन-फानन में दुकानें गिरा दी, लेकिन मौके पर अब तक काम शुरू नहीं कराया गया। दुकान ही उनकी आजीविका का सहारा थी, जिसे विकास के नाम पर उजाड़ दिया गया। प्रशासन ने वादा किया था कि जल्द ही नई दुकानें तैयार कराकर दी जाएंगी। एक पखवाड़ा से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। प्रशासन अपना रुख स्पष्ट नहीं कर रहे, सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। दुकानें टूटने से दीपावली, छठ पूजा जैसे त्योहार फीके हो गए। कई घरों में होने वाले विभिन्न आयोजन भी टालने की नौबत आ गई है। प्रशासन का यह व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन को तेज करने के लिए विवश होना पड़ेगा। धरने में सीताराम, रामप्रताप, बैजनाथ प्रसाद, शमशाद अहमद, नयन शुक्ल, कृष्णमुरारी, सत्यप्रकाश आदि शामिल रहे।
पिछले 30 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान चलाते रहे हैं। इसी से तीनों लड़कों का परिवार चलता था। दुकान टूटने के बाद पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई है। समझ नहीं आ रहा क्या करें। प्रशासन भी कुछ स्पष्ट नहीं बता रहा कि उन्हें कहां शिफ्ट करेंगे। -कृष्णमुरारी।
डीएम ने 15 दिनों में विकल्प तलाशने का वादा किया था। समय सीमा खत्म होने के बाद भी कोई पहल नहीं की गई। प्रशासन ही चिह्नित कर के दे दे तो अपने अनुसार दुकान बनवा लेंगे। लगातार बंदी से ग्राहक भी टूट रहे हैं।
-रामप्रताप शुक्ला।