136 किसानों ने किया फसल क्षतिपूर्ति का दावा
देवरिया। पिछले महीने हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए जिले के 136 किसानों ने दावा किया है। इसका आकलन बीमा कंपनी कर रही है। सर्वे में किसानों का दावा सही मिलने पर कंपनी की ओर से भुगतान किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि यह साल रबी फसलों के लिहाज से अच्छा नहीं रहा है। खरीफ सीजन में अत्यधिक बारिश खेतों में पानी भर गया था। निचले इलाकों में गेहूं की बुआई पिछड़ गई। किसान पिछैती किस्म की बुआई में जुटे थे, तभी 28 दिसंबर की रात जोरदार बारिश हो गई। एक सप्ताह के अंदर गेहूं की बुआई करने वाले किसानों कोकाफी नुकसान हुआ। जो किसान खेत सूखने पर बुआई की तैयारी में थे, उनकी खेती और पिछड़ गई। कुछ किसानों ने दोबारा गेहूं की बुआई की तो कुछ ने खेत खाली छोड़ दिया। बाकी कसर 12 जनवरी को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। सलेमपुर, खुखुंदू व भलुअनी क्षेत्र में किसानों को सर्वाधिक नुकसान हुआ। क्षतिपूर्ति के लिए जिला प्रशासन ने फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए। 72 घंटे के अंदर सूचना देने को कहा गया था। दावा करने वाले किसानों की फसलों का सर्वे हो रहा है।
जिले में फसल बीमा की स्थिति
33227 किसानों ने कराया है फसल बीमा।
32534 ऋणी कृषक हैं।
743 गैर ऋणी कृषक हैं।
17582048 रुपये जमा हुआ है प्रीमियम।
यह है फसल क्षतिपूर्ति का मानक
जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मोजम्मिल ने बताया कि 33 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान पर किसानों को क्षतिपूर्ति का प्राविधान है। इसमें लागत की 25 प्रतिशत धनराशि किसानों के खाते में भेजी जाती है। बीमा कंपनी क्लेम करने वाले किसानों की फसल का सर्वे करा रही है। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी।