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उद्यम का महत्व बताने आई युवाओं की टोली

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देवरिया रेलवे स्टेशन पहुंचे जागृति रेल यात्रा में शामिल युवा। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जागृति यात्रा में शामिल युवाओं की हलचल से बुधवार को जहां बरपार गांव बदला-बदला नजर आया, वहीं यात्रियों के अनुभवों को विचार गोष्ठी, ग्रुप डिस्कशन का हिस्सा बनाकर विकास और सुधार के लिए जरूरी ठोस बदलाव की कार्ययोजना का खाका भी खींचा गया।
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बरपार के अशोक इंटर कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में जागृति सेवा संस्थान की संरक्षक शशि मणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का भले ये 10वां साल है, लेकिन इसकी अवधारणा और इसे शुरू करने की कोशिशों का इतिहास वर्षोँ पुराना है। उन्होंने यात्रा के अब तक के सालाना क्रम और मकसद पर विस्तार से चर्चा की। अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी ने रोजगार के नाम पर नौकरियों के पीछे अंधी दौड़ से बचाकर युवाओं को खुद के उद्यम के लिए प्रेरित करना यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताया। संस्था इस प्रेरणा के साथ-साथ जोशीले नौजवानों को उद्यम के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने, उस क्षेत्र के दक्ष लोगों से दिशा दिलाने में भी मदद करती है। इन कोशिशों से बरपार व जिले के कई हिस्सों में स्वरोजगार की अच्छी शुरुआत हुई है। इसे गांवों का विकास होगा, पलायन थमेगा। पिछले कुछ सालों में हुए नए कामों से धीरे-धीरे देवरिया स्वउद्यम से मॉडल की शक्ल ले रहा है। विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि स्वरोजगार की दिशा में संस्था की कोशिशें सराहनीय हैं। जिले के हर शख्स को संस्था के सहयोगी जैसी भूमिका अपनानी चाहिए। इस दौरान मेजर जनरल (रिटायर्ड) एवं पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, विधायक जन्मेजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, अपूर्व मणि, पार्थ शुक्ला, अंबिकेश पांडेय, आशुतोष, स्वप्निल, विजय यादव, सौम्या, शैलेष त्रिपाठी, घनश्याम मणि, राहुल मणि, संजय राव, हरेंद्र राव, विजय प्रताप मणि, प्रमोद मणि आदि मौजूद रहे।

ललक ही जागृति यात्रा के लिए चयन का मुख्य आधार
देवरिया। जागृति सेवा संस्थान कार्यकारी निदेशक आशुतोष के मुताबिक जागृति यात्रा में शिरकत के लिए स्व उद्यम की ललक ही चयन का मुख्य आधार है। हालांकि आवेदक की योग्यता, क्षमता का मूल्यांकन कई अन्य पैरामीटर पर भी होता है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस दफा की 20 ले 27 वर्ष के बीच के आयु वर्ग से चार हजार आवेदन आए थे। आवेदनों में देश के 29 राज्यों के प्रतिनिधित्व के साथ-साथ विदेशियों की भी अभिरुचि सामने आई। चार हजार आवेदनों में से 490 को अंतिम रूप से सेलेक्ट करके 24 दिसंबर से आठ हजार किलोमीटर लंबी यात्रा शुरू की गई। इस दफा के यात्रियों में 25 विदेशी भी हैं।
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