- फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षकों का वेतन रोका
- जांच की जद में आए 11 शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे एवं शासन की जांच की जद में आए 11 शिक्षकों का वेतन बेसिक शिक्षा विभाग ने रोक दिया है। निदेशक के पत्र के बाद बीएसए ने सोमवार को इनके वेतन भुगतान पर रोक का आदेश दिया है। अब छह शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने की भी तैयारी शुरू हो गई है।
जनपद के विभिन्न स्कूलों में तैनात 11 शिक्षकों के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने की शिकायत राज्यपाल से वर्ष 2014 में की गई थी। नई सरकार बनने के बाद जांच की प्रक्रिया में तेजी आने पर छह शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। पांच शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अभी चल रही है। उधर फर्जी पाए गए शिक्षकों की बर्खास्तगी का आदेश शिक्षा निदेशक बेसिक को दिया गया है। हालांकि अभी इस संबंध में विभाग शासनादेश नहीं मिलने की बात कर रहा है। इधर बीएसए ने बर्खास्तगी की जद में आए अध्यापक संजय कुमार यादव, विमल यादव, विरेंद्र यादव, मीरा सिंह, मीरा यादव, विनय यादव सहित प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे शिक्षक अनिल कुमार यादव, वंदना यादव, सुनील यादव, सरोज यादव, बृजानंद यादव के वेतन पर रोक लगा दी है। सोमवार को बीएसए ओमप्रकाश यादव ने बताया कि जब तक शासनादेश नहीं आ जाता और प्रमाण पत्रों की जांच पूरी नहीं हो जाती, इन 11 शिक्षकों का वेतन बाधित कर दिया गया है।