देवरिया। प्रधानमंत्री के अनुरोध पर सैकड़ों लोगों ने रसोई गैस पर सब्सिडी छोड़ दी थी। अब कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी से उनका इरादा बदलने लगा है। अब तक करीब 300 उपभोक्ताओं ने सब्सिडी वापस लेने के लिए आवेदन किया है। वर्तमान में रसोई गैस की कीमत 1022 रुपये पहुंच गई है। ऐसे में सब्सिडी छोड़ने वाले बहुत से लोग फिर से सब्सिडी लेने वालों की संख्या बढ़ रही है।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के कारण आम लोगों को सिलेंडर भरवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में रसोई गैस के 617958 उपभोक्ता हैं। इसमें 14101 उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिल रही है। इसमें कुछ स्वेच्छा से छोड़े हैं तो कुछ का आधार कार्ड लिंक नहीं होने के कारण अधर में है। रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) योजना लागू किया गया। पूर्व में जब छह से 700 रुपये में सिलेंडर मिलते थे तो करीब आधी धनराशि उपभोक्ताओं के अकाउंट में बतौर सब्सिडी मिल जाती थी। केंद्र सरकार की अपील पर अनेक लोगों ने सब्सिडी छोड़ा था, लेकिन आलम यह है कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1022 रुपये हो गई है और उपभोक्ता के अकाउंट में 502 रुपये सब्सिडी पहुंच रही है। सर्वाधिक दिक्कत मध्यम वर्ग के लोगों की है, जिन्हें सिलेंडर भरवाने के लिए एक हजार रुपये का इंतजाम करना पड़ रहा है। इसकी वजह से सब्सिडी छोड़ने वाले भी सब्सिडी लेना चाहते हैं। हालांकि प्रक्रिया इतनी जटिल है कि राहत नहीं मिल पा रही है।
सब्सिडी वापस लेने की प्रक्रिया है जटिल
एक बार सब्सिडी छोड़ चुके लोगों को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी वापस लेने के लिए बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक कराना होगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी पर जाकर अकाउंट को कनेक्शन नंबर से लिंक कराना पड़ेगा। एजेंसी की ओर से लोगों को एक फॉर्म दिया जा रहा है, जिसमें आय की सीमा को भरकर जमा करना होगा। इसी तरह सब्सिडी छोड़ने के लिए फॉर्म भरना पड़ता है या मोबाइल पर गैस बुकिंग कराते समय निर्धारित ऑप्शन चुनने के बाद यह सुविधा मिल जाती है।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बाद लोग सब्सिडी लेने के लिए फॉर्म भर रहे हैं। जिले के विभिन्न एजेंसियों माध्यम से 300 से अधिक लोगों सब्सिडी की मांग किए हैं। अधिकांश लोग अभी भी सब्सिडी नहीं ले रहे हैं।
- दीपांकर चौधरी, नोडल अधिकारी, भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन।