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अनशनकारी वकील और एडीएम की वार्ता विफल

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सलेमपुर में अनशनकारी अधिवक्ता की बिगड़ी हालत, वार्ता करते एडीएम वित्त सीताराम गुप्त - फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर। पैतृक जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर 30 मई से तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हाईकोर्ट के अधिवक्ता सचिन श्रीवास्तव की तबीयत बिगड़ने लगी है। शनिवार की शाम एडीएम सीताराम गुप्ता मौके पर पहुंचे। वार्ता करते हुए अनशन तोड़ने का अपील की। काफी प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी। अधिवक्ता ने कार्रवाई होने तक आमरण अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
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लार थानाक्षेत्र के हाटा गांव निवासी सचिन श्रीवास्तव हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में अधिवक्ता हैं। गांव के पैतृक जमीन पर एक व्यक्ति निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया। इसकी शिकायत एसडीएम से किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर पांच जुलाई को एसडीएम ऑफिस के सामने आमरण अनशन शुरू किया था। छह जुलाई को एसडीएम शशिभूषण ने अवैध कब्जा हटवाने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया था। लेकिन समय के रहते अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। जिससे नाराज अधिवक्ता सचिन श्रीवास्तव 30 जुलाई से तहसीलदार दफ्तर के पास आमरण अनशन पर हैं। शनिवार को अधिवक्ता की हालत बिगड़ने लगी। सूचना पर पहुंचे एडीएम वित्त सीताराम गुप्ता, एसडीएम संजीव यादव व तहसीलदार डॉ. संजीव राय ने अनशन कर रहे अधिवक्ता से बात किया। अनशनकारी अधिवक्ता ने अवैध निर्माण तोड़वाने की बात कही, लेकिन अफसरों ने इससे इन्कार किया। अधिवक्ता ने कहा कि जब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया जाएगा आमरण अनशन जारी रहेगा। वहीं अधिवक्ता की मां शारदा देवी ने प्रशासन पर जबरन अनशन तोड़वाने का अंदेशा जताया है। कहा है कि ऐसा होता है तो वह स्वयं बेटे के साथ अनशन प्रारंभ कर देंगी।

समाधान होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नेश श्रीवास्तव की अध्यक्षा में तहसील सभागार में बैठक हुई। इसमें अधिवक्ता सचिन श्रीवास्तव के मामले का समाधान नही होने तक न्यायिक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान जितेन्द्र कुुमार मिश्र, परमानंद यादव, प्रमोद तिवारी, राम नरायण लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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