पैना में अमर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
शहीदों की याद में किया गया दीपदान और पौधरोपण
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज/पैना। सती घाट पर बने शहीद स्मारक पर देश की आजादी में शहीद हुए पैना के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। दिवस पर बच्चों की ओर से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहीदों की याद में आगंतुकों ने दीपदान के अलावा कपूर, पारिजात और रुद्राक्ष के पौधे लगाए।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम अंबे सिंह और निकिता चौरसिया ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ जंग में गांव के शहीद हुए वीर-वीरांगनाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता। विशिष्ट अतिथि विजिलेंस गोरखपुर के डीआईजी कुश सौरभ ने कहा कि इस गांव की माटी को जितना नमन किया जाए कम है। यहां के रणबांकुरों और वीरांगनाओं ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए थे। गोरखपुर विवि के जीव विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डीके सिंह ने कहा कि 16वीं सदी में घाघरा तट पर पैना गांव को कुंवर कृत सिंह ने बसाया था। अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि पय का अर्थ दूध और न से नदी से गांव का नाम पैना पड़ा था। यहां बहुतायत में गोपालन किया जाता था। कार्यक्रम को के बसर, जिला पंचायत सदस्य गोरखपुर चंद्रप्रभा सौरभ, प्रधान ममता सिंह, अंतर्राष्ट्रीय पहलवान केशव सिंह, अजीत सिंह, मिन्नत आदि ने संबोधित किया। इस दौरान जयप्रकाश मिश्र, अमित सिंह, चंद्रभूषण तिवारी, अक्षयबर पांडेय, विनोद सिंह, राणा प्रताप, अभिषेक सिंह, शाह आलम आदि उपस्थित रहे।