जिला अस्पताल खुलने के बाद राजिस्ट्रेशन कक्ष पर पर्ची लेने के लिए उमडे मरीज।
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देवरिया। जिला अस्पताल में धक्का मुक्की के बीच मरीजों को इलाज कराना पड़ा। मरीजों के भीड़ के चलते आउटडोर वार्ड फुल रहा। डॉक्टरों से इलाज कराने को लेकर होमगार्डों और तीमारदारों से कई बार तकरार भी हुई। इतनी भीड़ की वजह तीन दिन बाद जिला अस्पताल का खुलना बताया जा रहा है।
सोमवार को जिला अस्पताल में 1782 मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से लगी कतार दिन में एक बजे तक रही। वार्डों में राउंड के चलते काफी देर तक ओपीडी में डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। हड्डी रोग के डॉक्टर पीएन कन्नौजिया के कक्ष के बाहर लंबी कतार लगी थी। बीच में एमआर और पुलिस वाले पहुंचे। कतार को नजरअंदाज कर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। कतार में खड़े लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया। एक्सरे कक्ष में भी लोगों की भीड़ रही। भीड़ को देखते हुए सीएमएस ओपीडी और वार्डों में भ्रमण कर जानकारी ले रहे थे। कई जगह मरीजों ने डॉक्टरों के समय से ओपीडी में नहीं बैठने की शिकायत भी की।
डॉ. एसएस द्विवेदी, डॉ. अनूप श्रीवास्तव, डॉ. रामसकल यादव, डॉ. एएम वर्मा, समेत अन्य डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। लोगों का आरोप है कि डॉक्टर विलंब से ओपीडी में आ रहे हैं। इस कारण भीड़ अधिक हो रही है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि भीड़ बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्था चरमरा जा रही है। ओपीडी खत्म होने के बाद सभी डॉक्टरों के साथ मीटिंग किया हूं। सभी को समय से ओपीडी में बैठने के लिए हिदायत दी गई है।
ओपीडी में वक्त से नहीं बैठते डॉक्टर
डॉक्टरों का सुबह आठ से दिन में दो बजे तक ओपीडी में बैठने का समय है। लेकिन नौ बजे के बाद ओपीडी में डॉक्टर आते हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए जहां इंतजार करना पड़ता है। वहीं भीड़ अधिक होने से बेहतर इलाज नहीं मिल पाता है।
नहीं टूट रहा दलालों का तिलिस्म
अस्पताल में भीड़ को देखते हुए होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। ओपीडी कक्ष और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर इनकी तैनाती रहती है। बावजूद इसके मरीजों को दलालों के सामने पस्त होना पड़ रहा है। दलालों का तिलिस्म जिला अस्पताल से टूटने का नाम नहीं ले रहा है।