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हड़ताल वापसी पर बिफरे वकील

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दिवानी में अध्यक्ष के कक्ष में तालाबंदी करतें वकील - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। हड़ताल वापसी पर दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को गहमागहमी रही। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया गया कि मामला एसपी से था और समझौता डीएम से कर लिया गया। अधिवक्ताओं को विश्वास में नहीं लिया गया। हड़ताल वापसी के विरोध में जमकर नारेबाजी भी हुई। संघ भवन में ताला लगाने की भी बात कही जा रही है। हालांकि जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र ने इससे इंकार किया है। बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
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19 दिसंबर को सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दिन कुछ वकील डीएम सुजीत कुमार से अधिवक्ता कन्हैया मिश्रा की जमीन से कब्जा हटाने की मांग करने गए थे। वकीलों और डीएम के बीच बातचीत चल ही रही थी कि एसपी राकेश शंकर बीच में पड़ गए। वकीलों से अभ्रद भाषा में बात की। इससे नाराज सदर तहसील के वकीलों ने उस दिन एसपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोर्चा खोल दिया था। एसपी के तबादले की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जिले भर के वकीलों ने सदर तहसील के वकीलों के आंदोलन का समर्थन दिया था। शुक्रवार को डीएम और एडीएम की मौजूदगी में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र और मंत्री राधाकृष्ण शुक्ल आदि ने बैठक की थी। डीएम ने वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापसी और कन्हैया मिश्रा की जमीन से कब्जा हटवाने के आश्वासन के बाद संघ के अध्यक्ष ने हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की थी। शनिवार को सुबह जब दीवानी और कलेक्ट्रेट के वकील एकत्र हुए तो इस फैसले पर आक्रोशित हो गए। वकीलों ने कहा कि जब मामला एसपी के तबादले का था तो डीएम के साथ बैठक क्यों की गई। इसके विरोध में नारेबाजी भी करने लगे।
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