देवरिया। अब जिला जेल सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमग होगी। योजना को अमल में लाने कागजी प्रक्रिया तेज हो गई है। सौर ऊर्जा लगने के बाद जहां पावर कट से निजात मिलेगी, वहीं बिजली की खपत में भी कमी आएगी। इसके अलावा एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि बिजली गुल होने पर भी जेल का जैमरकाम करता रहेगा।
भीषण गर्मी में बार-बार बिजली कटौती से जेल अधिकारी से लेकर बंदी तक परेशान हैं। बिजली कट जाने से बंदियों की रात में नींद टूट जाती थी। वहीं, बिजली नहीं रहने पर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी संकट मंडराने का भय जेल अधिकारियों को सताने लगता था। इसी के मद्देनजर शासन ने जेलों में सौर ऊर्जा लगाने का निर्णय लिया है। इससे जेल अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। बिजली नहीं रहने पर जेल में लगा जैमर भी काम करना बंद कर देता है। लिहाजा हाई प्रोफाइल कैदी बिजली कट का इंतजार करते हैं। सौर ऊर्जा से जैमर तो काम करेगा ही, साथ में जेल में चारों तरफ रोशनी भी रहेगी। इसके अलावा प्रतिमाह बिजली का बिल भी कम आएगा। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि सौर ऊर्जा से बहुत ही लाभ है। खास कर जैमर बंद नहीं होगा। सुरक्षा की दृष्टि से चारों तरफ रोशनी रहेगी, बिजली की बचत होगी।