फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एआर कोऑपरेटिव गैर जिम्मेदार, नहीं करते सही व्यवहार

विज्ञापन
जिला पंचायत में जिला योजना समिति के बैठक को प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने संबोधित किया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
देवरिया। जिला योजना की बैठक हंगामेदार रही। शौचालय, आवास में धांधली और यूरिया की कालाबाजारी के सवालों का जवाब अफसर नहीं दे सके। विधायक सुरेश तिवारी ने जिला प्रशासन पर मिलीभगत से विकास के धन की लूटखसोट का आरोप मढ़ा। अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुरजोर ढंग से हाथ उठाकर समर्थन किया। अधिकारी जहां एक दूसरे का चेहरा देखने लगे और डीएम भी इसका जवाब नहीं दे सके। प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ पर तत्काल कार्रवाई करने और व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए 456.67 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
विज्ञापन

प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल की अध्यक्षता में शनिवार को जिला पंचायत सभागार में बैठक दोपहर एक बजे से शुरू हुई। जिला पंचायत सदस्यों ने प्रभारी मंत्री पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में हुई बैठक में जिला पंचायत सदस्यों का दिया गया एक भी प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया है। भाकियू नेता विनय सिंह ने यूरिया की कालाबाजारी का आरोप एआर कोऑपरेटिव पर मढ़ा। कृषिमंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि एआर गैर जिम्मेदार हैं। इनका मोबाइल कभी मिलता नहीं है और न ही जनता से इनका व्यवहार ठीक है। उन्होंने कहा कि बैतालपुर ब्लॉक के नेरूई अमवा, मुसहर बस्ती, आनंदनगर, घोटक गांव के प्रधानों के अकाउंट में शौचालय और आवास का पैसा भेजा गया है। इसकी वजह से आज तक आवास और शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। छह माह पहले ही सीडीओ को इस प्रकरण की जांच कराने का निर्देश दिया था, लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। पकहां गांव में शौचालय के नाम पर लाखों रुपये हड़पा गया है। अपनी गर्दन बचाने के लिए जिम्मेदार कार्रवाई के लिए सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। प्रिया साफ्टवेयर पर डाटा अपलोड नहीं होने के कारण ग्राम पंचायत के 14वें वित्त के खाते पर रोक लगा दिया गया है। इससे गांवों का विकास प्रभावित है। सेक्रेट्री और वीडीओ पर कार्रवाई की बजाए डीपीआरओ और सीडीओ मनमानी कर रहे हैं। पथरदेवा विधानसभा में 500 रुपये लेकर अवैध हरा पेड़ कटवाने का आरोप भाकियू नेता विनय सिंह ने रेंजर पर लगाया। इसका समर्थन कृषि मंत्री ने भी किया। प्रभारी मंत्री ने डीएफओ को एक सप्ताह के अंदर जांच कर कार्रवाई करने को कहा। विकास कार्यो की कागजी हकीकत जब सतह पर दिखी तो डीएम, सीडीओ समेत अन्य अफसरों की बोलती बंद हो गई। किसी के पास कोई जवाब नहीं रहा। विधायक काली प्रसाद ने भी मठ अमौना गांव में शौचालय में धांधली का आरोप मढ़ा। इस दौरान सांसद रविंद्र कुशवाहा, विधायक कमलेश शुक्ला, विधायक जन्मेजय सिंह, चेयरमैन अलका सिंह, दयाशंकर कुशवाहा, रवि कुशवाहा, सीडीओ राजेश त्यागी, डीएम अमित किशोर आदि मौजूद रहे।

परोहा में सरकारी धन का बंदरबांट
भाटपाररानी के परोहा गांव के सत्यदेव यादव ने कहा कि गांव में आज तक अधूरे लोहिया आवासों का निर्माण नहीं हो सका। पंचायत भवन का रुपये निकालकर लोग डकार लिए हैं और एक ईट भी नहीं रखा गया है। पूर्व में यह मामला मैंने उठाया तो जानलेवा हमला किया गया। डीएम ने सत्यदेव को अपने पास बुलाया और उनकी शिकायतों को नोट किया।
विज्ञापन


शौचालय का निर्माण हुआ है घटिया
गुद्दीजोर गांव में बिना शौचालय की टंकी बनाए सिर्फ भवन बनवाने की शिकायत लोगों ने कहा। इसके अलावा शौचालयों का घटिया निर्माण होने के कारण इसका उपयोग कोई नहीं कर रहा है। सिर्फ कागजों में गांवों को ओडीएफ किया जा रहा है।

डीएम बोले: हर गांव में है निगरानी टीम, डीपीआरओ ने कहा, कहीं नहीं
विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि जो गांव ओडीएफ हो गए हैं, क्या उन गांवों में कोई ऐसी टीम है जो खुले में शौच जाने वालों को दंडित करे। डीएम ने माइक संभालते हुए गांवों में निगरानी टीम होने का दावा किया। जब पूछा कि कितने लोगों पर कार्रवाई हुई तो डीपीआरओ ने निगरानी टीम होने से ही इन्कार कर दिया। मामला बढ़ता देख मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए डीएम को डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें