देवरिया। सऊदी अरब की जेल में बंद जिले के शाजहांपुर निवासी युवक की वतन वापसी की उम्मीद जग गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मामले का संज्ञान लिया है। पत्नी सुमन देवी के ट्वीट पर गुरुवार को उन्होंने री-ट्वीट करते हुए सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी है। मासूम बच्चों को लेकर न्याय के लिए भटक रही बेसहारा पत्नी को इस पहल से थोड़ी राहत मिली है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के शाजहांपुर गांव निवासी रामविलास गुप्ता रोजगार के लिए में वर्ष 2012 में सऊदी अरब गया। वहां गुटुफ ट्रेडिंग कंपनी में ग्रेडर ऑपरेटर का काम कर रहा था। पत्नी सुमन गुप्ता के मुताबिक 26 अप्रैल, 2014 को ग्रेडर चलाने के दौरान हुई दुर्घटना में एक लड़की की जान चली गई। इस मामले में कार्रवाई के बाद रामविलास को जेल भेज दिया गया। वहां के न्यायाधीश ने एक साल के अंदर रामविलास को 1,50,000 रियाल का जुर्माना भरने का आदेश दिया। जेल से छूटने के बाद कंपनी मालिक ने जुर्माने की राशि भरने की बात कही और रामविलास से काम लेने लगा। कुछ माह तक कंपनी की ओर से उसे सैलरी नहीं दी गई और बाद में कंपनी मालिक ने जुर्माना भरने से इन्कार कर दिया। 3 मई, 2017 को जुर्माना भरने में अक्षम रामविलास को फिर जेल भेज दिया गया। पत्नी सुमन ने इस मामले में प्रधानमंत्री व विदेश मंत्रालय को रजिस्ट्री पत्र भेजा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को सुमन ने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री को ट्वीट कर पति की वतन वापसी के लिए गुहार लगाई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को इस पर री-ट्वीट करते हुए भारतीय दूतावास से इसकी पूरी जानकारी मांगी है।