देवरिया। जनहित से जुड़े विकास कार्यों के प्रस्तावों पर अमल के लिए बजट का रोना रोने वाले जिला पंचायत ने नेताओं के आवासों की मरम्मत पर दिल खोलकर खर्च किया है। तीन वित्तीय वर्षों में ही करीब एक करोड़ से अधिक की धनराशि विधायक-सांसद, अध्यक्ष, पूर्व मंत्री सरीखे जनप्रतिनिधियों के आवासों की मरम्मत में खर्च की गई है। कई ऐसे भी आवास हैं जिनकी मरम्मत के लिए हर साल या साल में दो-दो बार धनराशि दी गई है। आरटीआई से मिली सूचना में यह खुलासा हुआ है।
जिला पंचायत परिसर में अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा सत्ताधारी दल के सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आवास दिया गया है। वैसे तो आवास आवंटन की प्रक्रिया पर भी कई सवाल हैं, मगर फिलहाल बात सिर्फ मरम्मत की है। राज्य वित्त के तहत वर्ष 2014-15 में 6.18 लाख, वर्ष 2015-16 में 33.35 लाख और 2017-18 में 66.94 लाख रुपये (करीब 1.05 करोड़) आवासों की मरम्मत पर खर्च हुए हैं। इस धनराशि से भी चुनिंदा आवासों की ही मरम्मत हुई है। अध्यक्ष, एएमए समेत जनप्रतिनिधियों व चहेतों के आवासों को विशेष तरजीह मिली है। जिला पंचायत परिसर में स्थित आवास नंबर 17 की विशेष मरम्मत, गैराज और चहारदीवारी निर्माण के नाम पर दो किस्तों में 18 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। यह आवास जनसेवा विकास संस्थान को आवंटित किया है। एनजीओ के रुप में पंजीकृत यह संस्था जिला पंचायत अध्यक्ष के करीबी रिश्तेदारों की बताई जा रही है। आरोप है कि उन्हें लाभान्वित करने के लिए आवासों की मरम्मत का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ, लेकिन उससे नवनिर्माण करा दिया गया।
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मंत्री, विधायक, सांसद के आवासों पर खूब मेहरबानी
वर्ष 2015-16 में 3.49 लाख रुपये खर्च कर आवास नंबर 14 की मरम्मत कराई गई। इसी सत्र में फिर इस आवास की मरम्मत के लिए 6.99 लाख रुपये खर्च किए गए। यह आवास सपा सरकार के एक पूर्वमंत्री को आवंटित है। पूर्व विधायक गजाला लारी के आवास की वर्ष 2015-16 में 1.54 लाख रुपये से मरम्मत कराई गई। वर्ष 2017-18 में फिर इसी आवास पर 1.03 लाख रुपये खर्च हुए। आवास संख्या-2ए का मरम्मत कार्य वर्ष 2015-16 में 7.99 लाख रुपये से हुआ। वर्ष 2017-18 में फिर 3.61 लाख रुपये का व्यय इसी मद में दर्शाया गया है। यह आवास सांसद कलराज मिश्र को आवंटित है। सदर विधायक जन्मेजय सिंह के आवास की मरम्मत में 6.72 लाख रुपये खर्च किए गए हैं तो मंत्री जयप्रकाश निषाद के आवास की मरम्मत 5.60 लाख रुपये से हुई है। पूर्व सांसद सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पर भी 1.27 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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अध्यक्ष के आवास पर 11.85 लाख खर्च
दीपक मणि अपहरण कांड में जेल में बंद जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के आवास की मरम्मत पर दो वर्ष में 11.85 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्ष 2015-16 में 8.46 लाख रुपये खर्च कर आवास की मरम्मत कराई गई थी तो वर्ष 2017-18 में फिर से 2.39 लाख रुपये खर्च किए गए। अपर मुख्य अधिकारी के आवास की मरम्मत पर भी 3.57 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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जिला पंचायत सदस्य ने जांच की मांग की
जिला पंचायत सदस्य गिरेंद्र यादव ने आवासों की मरम्मत में व्यापक अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिला पंचायत में सदस्यों के सड़क मरम्मत, नाली-खड़ंजा निर्माण, चौराहों के सुंदरीकरण सहित कई प्रस्ताव बजट के अभाव में लंबित पड़े हैं। नियमानुसार किराए से होने वाली आय से ही मरम्मत होनी चाहिए। मगर, नेताओं के आवासों की मरम्मत के लिए नियम विरुद्ध तरीके से रकम खर्च की गई है। इसकी उच्चस्तरीय जांच हो तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश होगा।
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आवासों की मरम्मत नियमानुसार हुई है। मरम्मत में कई तरह के काम होते हैं। हर बार अलग-अलग काम के लिए रकम दी गई है। वैसे सदस्यों की आपत्ति पर जांच कराई जाएगी। - ज्ञानधन सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।