ग्रामीण डाक सेवक संघ की मांग पुरी होने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर विजय दिवस मनाया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। विभिन्न मांगों को लेकर 22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे ग्रामीण डाकसेवकों के लिए बृहस्पतिवार का दिन खुशी देने वाला साबित हुआ। केंद्र सरकार ने उनकी अधिकतर मांगे मान ली और उनके वेतन में पांच गुना बढ़ोत्तरी करने की सहमति जताई है। इसके बाद हड़ताल खत्म कर कर्मचारियों ने विजय जुलूस निकाला। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
प्रांतीय अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यह जीत ग्रामीण डाकसेवकों के संघर्ष का परिणाम है। 22 मई से संयुक्त संघर्ष समिति डाक कर्मचारी संघ ने सातवां वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल शुरू किया था। इतने दिनों के संघर्षों ने यह साबित कर दिया है कि अपने हितों की रक्षा के लिए कर्मचारी सही राह पर थे। बृहस्पतिवार को हड़ताल के क्रम में संगठन रोड शो कर डीएम को ज्ञापन देने का कार्यक्रम बनाया गया था लेकिन इसके पहले ही संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने ग्रामीण डाक कर्मियों के वेतन में पांच गुना तक की वृद्धि कर दी। केंद्रीय नेतृत्व ने भी यह सूचित किया है कि समस्त ग्रामीण डाक सेवकों पर कमलेश चंद्रा की रिपोर्ट लागू कर दी गई है। जो एक जनवरी वर्ष 2016 से प्रभावी होगा। दूरसंचार मंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि ग्रामीण डाककर्मियों के बकाया एरियर का भुगतान जुलाई 2018 तक कर दिया जाएगा। मांगे माने जाने की खुशी में विजय जुलूस निकाला गया। जुलूस में रविंद्रनाथ सिंह, राजनाथ सिंह, हरिशंकर तिवारी, सुरेश यादव, रामपरीखन, चंद्रप्रकाश पांडेय, ओमप्रकाश, अखिलेश मिश्रा, दयाशंकर सिंह, शुभनारायण दुबे, मिथुन तिवारी, असगर अली, दूधनाथ, दिवाकर, सुरेंद्र कुशवाहा, शोभा सिंह, रुद्रप्रताप, मु. इंद्रीश, छेदी, गामा प्रसाद, लक्ष्मीकांत तिवारी आदि शामिल रहे।