देवरिया। बिजली निगम के वर्कशॉप में एक सप्ताह से जले हुए 200 ट्रांसफार्मरों का रिपेयरिंग काम बंद है। इससे शहर से लेकर गांवों तक की बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। इसकी वजह वर्कशॉप में सड़क और फर्श का निर्माण कार्य होना बताया जा रहा है। गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल पाती है और ट्रांसफार्मर भी जलते हैं। इसके रिपेयर के लिए भटवलिया में वर्कशॉप है। यहां पर फर्श और यहां जाने वाले रास्ते पर सीसी रोड का निर्माण होने के कारण ट्रांसफार्मरों का मरम्मत कार्य ठप है। अभी दस दिन और काम प्रभावित रहने की उम्मीद जताई जा रही है। कर्मचारियों की माने तो वर्कशॉप में 200 से अधिक जले हुए ट्रांसफार्मर पड़े हैं। निर्माण कार्य होने के चलते इसकी रिपेयरिंग नहीं हो पा रही है। न्यू कालोनी समेत कई स्थानों का ट्रांसफार्मर कई दिनों से जला हुआ है। बिजली विभाग यहां पर मोबाइल ट्रांसफार्मर से बिजली की सप्लाई दे रहा है। वहीं ट्रांसफार्मर के लिए लोगों का दबाव ज्यादा है। जिम्मेदार अधिकारी वर्कशॉप में उपकरण की कमी बताकर लोगों को टाल रहे हैं। वहीं फोरलेन निर्माण होने के कारण पांच से 15 जून तक दिन में पांच घंटे बिजली आपूर्ति शहर के कई मोहल्लों में ठप रही है। बिजली नहीं मिलने से गर्मी में लोगों का हाल बेहाल हो गया है। जब से सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ तभी से कचहरी फीडर की आपूर्ति प्रभावित चल रही है। गर्मी में लोगों को बिजली की अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर शहर के बिजली घरों में सबेस्टर बैंक लगाया गया था। लेकिन अभी तक यह चालू नहीं हो सका। पावर फैक्टर की बचत और ऑनलाइन बिजली उपयोग का मॉनीटरिंग की जा सकती है। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि सबेस्टर बैंक का उपकरण आधा अधूरा बिजली घरों में लगा है। इस कारण वह शो पीस बना हुआ है। किसी कार्यदायी संस्था की ओर से इसे लगाया है। वर्कशॉप के जेई रविंद्र प्रसाद ने बताया कि अचानक वर्कशॉप में सिविल कार्य शुरू होने के कारण जले हुए ट्रांसफार्मरों की मरम्मत ठप है।
गर्मी के तपिश के साथ जलने लगे ट्रांसफार्मर
गर्मी की तपिश के साथ ट्रांसफार्मरों की जलने की सिलसिला बढ़ता गया। जून माह में अभी तक 129, मई में 183 और अप्रैल में 120 ट्रांसफार्मर जिले के विभिन्न गांव और नगर पंचायतों में जले हुए थे। राजीव गांधी विद्युत योजना के तहत गांवों में लगाए गए 16 केबीए टू फेज का ट्रांसफार्मर स्टोर में नहीं मिल रहा है। रुद्रपुर के केवटलिया गांव में लगा ट्रांसफार्मर जल गया है। वर्कशॉप वर्करों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से लगाया गया है। इसकी सप्लाई अभी वर्कशॉप या स्टोर में नहीं आई है। इसके रिपेयर के लिए उपकरण भी नहीं है।
73 ट्रांसफार्मर रिपेयर के लिए गया गोरखपुर
वर्कशॉप के जेई रविंद्र प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2013 के बाद से ट्रांसफार्मरों का रिपेयर का संपूर्ण कार्य यहीं पर होता था। लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद ट्रांसफार्मरों की सप्लाई देने वाली कंपनियों के जिम्मे भी रिपेयर करने की जिम्मेदारी दी गई है। गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ में विभिन्न कंपनियों का रिपेयर कार्य हो रहा है। 73 जले हुए ट्रांसफार्मर गोरखपुर रिपेयर के लिए भेजे गए हैं।