बरहज। मलेशिया में छह माह जेल काटकर युवक किसी तरह घर वापस आए हैं। युवक कर्ज आदि लेकर मोटी पगार कमाने की लालच में विदेश गये थे, लेकिन कंपनी में पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट पर पकड़ लिए गए। विदेश भेजने वाले एजेंट को साथ थाने लेकर पहुंचे युवकों के गले आपबीती सुनाते हुए रुंध जा रहे थे।
जयनगर निवासी शशिकांत, पैना गांव निवासी सूर्यदेव, संतकबीरनगर के मेंहदावल निवासी शिवाकांत उपाध्याय आदि का कहना है कि अच्छे वेतन पर नौकरी दिलाने की बात कहकर बड़हलगंज का एक एजेंट करीब एक लाख 20 हजार रुपये लेकर मलयेशिया भेजा था। 10 फरवरी को खलीलाबाद के चांद अली, उन्नाव के विमलेश, सुल्तानपुर के मनोज सिंह, बिहार-गोपालगंज के मुन्ना प्रसाद सहित दर्जनों युवकों ने करीब 11 बजे हैदराबाद एयरपोर्ट से मलयेशिया के लिए उड़ान भरी। अगली सुबह एयरपोर्ट पर वहां की पुलिस ने फर्जी वीजा होने का हवाला देते हुए गिरफ्तार कर लिया। जेल जाने की सूचना किसी तरह परिजनों को दी गई। परिजनों ने तीन अप्रैल को प्रधानमंत्री और भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई थी। युवकों के परिजन का बताना है कि विदेश मंत्रालय की ओर से पहल किए जाने के चलते वह छूटकर वापस आ सके हैं। फर्जी वीजा के मामले में उन्हें एक साल की जेल हुई थी, पर केंद्र सरकार द्वारा मलयेशिया स्थित भारतीय दूतावास की ओस से की गई पहल के बाद सभी को करीब छह माह पहले ही छोड़ दिया गया।
एजेंट को थाने लेकर पहुंचे युवकों ने पुलिस को सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में प्रभारी थाना निरीक्षक सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि मामले की जांच कराकर एजेंट से पैसा वापस दिलाया जाएगा।