रुद्रपुर। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को विशेष मुहूर्त में भगवान शिव का जलाभिषेक करने को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कांवड़ियों का जत्था बरहज स्थित सरयू नदी से जल भर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा। हर-हर बम-बम के जयकारों के बीच केसरियाधारी भक्तों ने दुग्धेश्वरनाथ और महेंद्रनाथ का जलाभिषेक किया।
संस्कृत के जानकारों के अनुसार सावन में पुष्य नक्षत्र कई वर्षों बाद मिलता है। सोमवार की सुबह पुष्य नक्षत्र में शिव अराधना का विशेष महत्व देख शिव भक्त पूजन-अर्चन को पहुंचे। सुबह तीन बजे ही भक्तों के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया। कांवड़ियों का हुजूम कई जत्थों पर मंदिर पहुुंचा। पूरा परिक्षेत्र केसरियाधारी भक्तों से पट गया। शिव भक्त भक्ति गीतों पर भाव नृत्य करते हुए दुग्धेश्वरनाथ मंदिर आए। महिलाएं भी कांवड़ लेकर शिव के जलाभिषेक में शामिल हुईं। मंदिर पर भारी भीड़ से दोपहर रुद्रपुर-गोरखपुर मार्ग पर जाम लगा रहा। भारी वाहन कई बार जाम में फंसे रहे। शिव भक्तों के लिए मुख्य गेट पर लोग प्रसाद बांटने में लगे रहे। कांवड़ियों का लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया गया। मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।