देवरिया। व्यापारी विद्याभास्कर हत्याकांड का मुख्य आरोपी आलम को भले ही सदर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन सह अभियुक्त गजनी का लोकेशन पता नहीं कर पा रही है। उसकी तलाश में पुलिस 15 दिनों से हाथ-पैर मार रही है। कहा जा रहा है कि आलम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को पंचायत भी करनी पड़ी थी। कुछ लोगों के बीच में पड़ने के बाद ही आलम पुलिस के हाथ आया था।
कोतवाली पुलिस के लिए अपराधी इन दिनों चुनौती बने हुए हैं। एक के बाद एक कांड हो रहे हैं। फोटो स्टूडियो संचालक विद्याभास्कर के हत्यारोपी आलम को जैसे-तैसे पुलिस पकड़ पाई थी कि जेल रोड पर थोक सब्जी व्यापारी आबिद और आशिक से 2.83 लाख रुपये लूट लिए गए। ऐसे में विद्याभास्कर की हत्या में आलम के सहयोगी गजनी से पुलिस का ध्यान भटक गया और उसे मौका मिल गया। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि आलम का खास दोस्त गजनी यूपी छोड़ चुका है। व्यापारी विद्याभास्कर की हत्या करने से पहले इन लोगों ने गोरखपुर ओवरब्रिज के पास एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा को भी गोली मारी थी। अरविंद का अब भी इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस के लिए गजनी चुनौती बना हुआ है। पुलिस अब उसके रिश्तेदारों पर दबाव बना रही है, ताकि गजनी मिले जाए।