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गोरखपुर में दे रहे थे भाषण, देवरिया में बजती रही तालियां

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गोरखपुर में भाषण, देवरिया में बजती रही तालियां
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किसानों ने बड़ी स्क्रीन पर देखा मोदी के भाषण का प्रसारण
विपक्ष पर पीएम के चुटीले प्रहारों से खिलखिलाते रहे लोग
मनीष जायसवाल
देवरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर में किसानों को संबोधित कर रहे थे, लेकिन 50 किमी दूर देवरिया में बैठा किसान भी खुद को उनके सामने महसूस कर रहा था। बड़ी स्क्रीन पर पीएम के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण का आलम यह रहा कि जब कभी प्रधानमंत्री कोई विशेष बात बोलते तो यहां के किसान भी तालियां बजाने लगते थे। जब उन्होंने यूपीए सरकार के कर्जमाफी के आंकड़े गिनाते हुए जनता से पूछा तो कलेक्ट्रेट और तहसील में बैठे लोग भी जवाब देने को आतुर दिखे।
प्रधानमंत्री के भाषण के सजीव प्रसारण के लिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के अलावा सभी तहसील और ब्लॉक कार्यालयों पर बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था की थी। किन्हीं कारणों से गोरखपुर नहीं पहुंच सके किसान व अन्य लोग यहीं से पूरे भाषण का आनंद ले रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण की समाप्ति के बाद जब प्रधानमंत्री ने टैबलेट पर क्लिक कर चयनित किसानों के खाते में धनराशि भेजी तो जिले के किसान भी झूम उठे। कुछ मिनटों बाद ही उनके मोबाइल पर मैसेज आने शुरू हो गए। मैसेज देख किसान चहक उठे। उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं था। भाषण के शुरुआत में पीएम ने जब कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और फिर अभिभावक के रुप में सदर सांसद कलराज मिश्र का नाम लिया तो भी जिले के लोग खुश नजर आए। भाषण के दौरान कई पल ऐसे आए, जब किसानों ने तालियां बजाकर पीएम की बातों पर सहमति जताई। खास तौर से तब, जब वह विपक्ष पर कटाक्ष कर रहे थे। विरोधियों पर अफवाह फैलाने और किसान सम्मान योजना के एलान के दौरान सदन में चेहरा लटकाने का जिक्र किया तो किसान सहमति जताते हुए एक-दूसरे से चर्चा करते दिखे।
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अब नहीं होंगे रकम के लिए परेशान
देवरिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना ने उन तमाम किसानों में नई आस जगाई है, जिन्हें खेती के समय खाद, बीज, सिंचाई या दवा-इलाज की जरूरतों के लिए कर्ज पाने को भटकना पड़ता था। इन किसानों का कहना है कि उनकी यह मुश्किल अब दूर होगी। यह राशि उन्हें खेती और घर की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद देगी। अब उन्हें फसल बिकने का इंतजार नहीं करना होगा। वह समय से खेत में खाद-बीज डाल सकेंगे। परसियां के रहने वाले किसान चंद्रभान सिंह ने कहा मेरे पास चार बीघा खेत है। हर बार खेती के समय पैसे की तंगी रहती है। इस कारण से अक्सर समय से खाद-बीज नहीं डाल पाते। अब यह चिंता तो नहीं रहेगी। समय से जोतेंगे-बोएंगे तो फसल भी अच्छी मिलेगी। बांकी गांव के रहने वाले किसान रमाकांत चौरसिया ने कहा एक बीघा खेत से इतना नहीं हो पाता कि रुपये बचा सकें। खाते में दो हजार रहेंगे तो कम से कम सिंचाई और खाद तो खरीद सकेंगे। कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलेगी। सरकार ने पहली बार सुधि ली है। खोराराम के रहने वाले राममूरत ने कहा घर में तमाम खर्च होते हैं और आय का एकमात्र जरिया। दवा-इलाज के लिए भी दूसरों से पैसे लेने पड़ते थे। जरूरी खर्चों के लिए फसल बेचने की निर्भरता नहीं रहेगी और न ही किसी के सामने हाथ फैलाना होगा। इस मदद से हम सम्मान से जी सकेंगे। विश्राम चौहान ने कहा भला किसानों की कौन चिंता करता था। मोदी जी ने यह बहुत बढ़िया काम किया। हम जैसे छोटेे किसानों को संकट से उबारने में यह तिनके का सहारा भी बड़ा कारगर होगा। एक तरह से यह हमारी मेहनत का बोनस ही है।
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65625 खातों में आई पहली किस्त

मोबाइल पर मैसेज पहुंचते ही खिले किसानों के चेहरे
डीएम ने 10 किसानों को दिया प्रमाण पत्र, किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत पहले चरण में जिले के 65625 किसानों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने गोरखपुर में जैसे ही धनराशि खाते में ट्रांसफर की, यहां बैठे किसानों के मोबाइल पर चंद मिनटों बाद ही मैसेज आने शुरू हो गए। मोबाइल के इनबॉक्स में जब किसानों ने ‘पीएम किसान सम्मान निधि इंस्टालमेंट-1 ऑफ 2000 रुपये क्रेडिटेड टू योर अकाउंट’ का मैसेज देखा तो खुशी से उछल पड़े। उनके चेहरे की चमक देखने लायक थी। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने ऐसे दस किसानों को सम्मानित किया, जिनके खाते में धनराशि आई थी। कार्यक्रम में मौजूद धमऊर निवासी रामनिवास ने सबसे पहले मोबाइल पर मैसेज आने की पुष्टि की। इसके बाद लाल बहादुर, विवेकानंद सिंह, जितेंद्र पांडेय, कमल नारायण सिंह, हरेराम सिंह, अभिषेक प्रताप, मनीष त्रिपाठी, ऊषा देवी, हंसरानी देवी ने भी मोबाइल में मैसेज दिखाया। सभी को डीएम अमित किशोर, सीडीओ शिव शरणप्पा, सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, डीडी कृषि डॉ. एके मिश्र, जिला कृषि अधिकारी मो. मुजम्मिल आदि मौजूद रहे।
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