देवरिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के लिए सरकार दस दिन में बिल पेश कर देती है। इसे राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद तुरंत राज्यों में लागू कर दिए जाता है, लेकिन पिछड़ों के आरक्षण पर यही सरकार मौन है।
टाउनहाल में आयोजित अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण वर्गीकरण व रसोइयों की मांग पर अपनी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राम मंदिर के गैरविवादित स्थल हिंदू समाज को सौंपने की मांग को भाजपा का चुनावी स्टंट करार दिया। उन्होंने रसोइयों से ‘आरक्षण में बंटवारा ना भइल त भाजपा गइल’, ‘मानदेय 33 रुपया से बढ़ाके आठ हजार महीना ना भइल त भाजपा गइल’ जैसे नारे लगाने को कहा। राजभर ने कहा कि अति पिछड़ा सामाजिक न्याय कमेटी ने आरक्षण को पिछड़ा, अति पिछड़ा, सर्वाधिक पिछड़ा तीन भागों में बांटने की सरकार से सिफारिश की है। अक्तूबर में ही कमेटी ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी पर चार माह बीतने के बाद भी सरकार पिछड़ों की सुधि नहीं ले रही, जबकि सवर्ण आरक्षण को लेकर जल्दबाजी दिखाई गई। उन्होंने रसोइयों की पांच सूत्री मांगों को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि इनकी समस्या के समाधान के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय सहित सीएम को पत्र लिख चुका हूं। मांग जल्द पूरी नहीं होती तो प्रदेश स्तरीय रसोइयों के महासम्मेलन में सरकार को घेरा जाएगा।
अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ गौतम ने कहा कि रसोइयों के हक की लड़ाई 2011 से लड़ी जा रही है। सरकार कह रही है कि रसोइयों के लिए जारी शासनादेश में संसोधन नहीं हो सकता, जबकि एससी- एसटी एक्ट व सवर्ण आरक्षण जैसे में मामलों में तुरंत संशोधन कर दिए जा रहे हैं। सुहेलदेव भासपा के जिलाध्यक्ष राकेश राय राजभर ने कहा कि रसोइयों की लड़ाई मुख्यालय व ब्लाक स्तर तक लड़ी जाएगी। पार्टी का हर कार्यकर्ता रसोइयों के सुख-दुख में शामिल रहेगा।
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ये रहे मौजूद
प्रदेश महासचिव अभयनंदन बरनवाल, उषा लारी, रामचंद्र सिंह चौहान, संगठन मंत्री घूरा राजभर, प्रवीण सिंह, छांगुर पासवान, वीरेंद्र यादव, लक्ष्मण राजभर, जालू राजभर, रसोइया संघ जिलाघ्यक्ष संगीता यादव, मीरा देवी, उर्मिला देवी, शिवचंद कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।