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महाल मंझरिया पहुंचे एनटीपीसी के जीएम

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महाल मंझरिया में पहले सोलर पॉवर प्लांट, फिर बनेगी तापीय परियोजना
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जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर एनटीपीसी के जीएम ने किया महाल मंझरिया का निरीक्षण
पॉवर प्लांट के लिए भूमि को बताया उपयुक्त, किसानों से भी ली मौखिक सहमति
1500 एकड़ भूमि में है पॉवर प्लांट लगाने की योजना, खुलेगा औद्योगिक विकास का रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। घाघरा और गंडक नदी के दोआबा में पॉवर प्लांट लगने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर बुधवार को एनटीपीसी के जीएम महाल मंझरिया पहुंचे। मौका मुआयना किया। ग्रामीणों से जानकारी ली। निरीक्षण के बाद जीएम ने इस भूमि को पॉवर प्लांट के लिए उपयुक्त बताया है। उन्होंने बताया कि पहले यहां सोलर प्लांट लगाकर 250-300 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। इसके बाद तापीय परियोजना पर काम शुरू होगा। फिलहाल वह अपनी रिपोर्ट एनटीपीसी के चेयरमैन को सौंपेंगे। उनकी सहमति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सलेमपुर तहसील के महाल मंझरिया गांव के दोआबा में नौ हजार एकड़ से अधिक एक फसली जमीन है। औद्योगिक विस्तार के उद्देश्य से बिहार सीमा से सटी यह जमीन काफी उपयोगी है। इसके लिए सांसद रवींद्र कुशवाहा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलकर एनटीपीसी की ओर से पॉवर प्लांट लगाने की कई बार मांग कर चुके हैं। दो माह पूर्व लखनऊ से आए अधिकारियों ने दोआबा की जमीन का मौका देखा और अपनी रिपोर्ट प्रेषित किया। इस आधार पर एनटीपीसी दिल्ली के चेयरमैन गुरुदीप सिंह के निर्देश पर जीएम शशिकांत राय बुधवार को देवरिया पहुंचे। रुद्रपुर के एसडीएम के साथ वह दिन में सलेमपुर पहुंचे और वहां से नायब तहसीलदार और राजस्व टीम को लेकर महाल मंझरिया पहुंचे। टीम को देखकर कई गांव के किसान भी आ गए। जीएम ने किसानों से वार्ता की और तत्काल 1500 एकड़ जमीन लेने की बात कही। किसानों ने इस पर सहमति जताई। एनटीपीसी के जीएम शशिकांत राय ने बताया कि जमीन काफी उपयोगी है। शुरू में 1500 एकड़ जमीन ली जाएगी। इस पर 250-300 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। इसके तहत नदी के तटबंधों को ठीक कराकर घाट बनेगा। इससे स्थानीय लोगों को बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगा और सोलर पॉवर प्लांट का भी कार्य इसके माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस प्लांट पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाकी जमीनों पर तापीय विद्युत परियोजना लगाई जाएगी। किसान भी राजी हैं और जगह भी काफी उपयोगी है। वह अपनी रिपोर्ट चेयरमैन को देंगे।
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यह है महाल मंझरिया की भौगोलिक स्थिति
दोआबा के चिह्नित स्थान की दूरी राष्ट्रीय राज्यमार्ग सोनौली-देवरिया व बलिया मार्ग से 15 किलोमीटर, रामजानकी मार्ग से मात्र पांच किलोमीटर है। भटनी-वाराणसी रेलखंड पर तुर्तीपार रेलवे स्टेशन से 14 किमी दूरी है। यहां पर कोई राष्ट्रीय पार्क, सेंचुरी एवं महिला फारेस्ट माइग्रेटी रूट 10 किलोमीटर की एरिया में नहीं है।


सलेमपुर संसदीय इलाके के लिए पॉवर सोलर प्लांट लगाना सौभाग्य है। स्थानीय लोगों को इससे रोजगार मिलेगा और तटवर्ती को लोगों को स्थायी रूप से बाढ़ की समस्या से निजात। इसके लिए करीब एक साल से मैं प्रयास कर रहा हूं।
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-रवींद्र कुशवाहा, सांसद।


लखनऊ से मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक से जुड़ी एक टीम आई थी। जमीन का मौका देखने बाद टीम ने पॉजीटिव रिपोर्ट दिया था। एनटीपीसी को मैं भी प्लांट लगाने के लिए रिपोर्ट भेजा था। आज उसके जीएम आए थे। मौका देखने के बाद संतुष्टि जताई।
-अमित किशोर, डीएम।

* 9000 एकड़ है दोआबा का क्षेत्रफल।
* 1500 एकड़ में है पावर प्लांट लगाने की योजपा।
* 300 मेगावाट तक सोलर प्लांट से बनेगी बिजली।
* 700 करोड़ रुपये तक होंगे प्रस्तावित परियोजना पर खर्च।
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