देवरिया। शहर के तीन मोहल्ले के लोग लंबे समय से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। गर्मी के मौसम में सर्वाधिक परेशानी होती है। लेकिन अब इससे निजात मिल जाएगी। जल निगम ‘अमृत योजना’ के तहत इन मोहल्लों में पानी की बेहतर व्यवस्था करेगा। इसके लिए सर्वे किया जा चुका है।
नगर पालिका और नगर पंचातयों में पेयजल से वंचित वार्डों को अमृत योजना के अंतर्गत बेहतर पेयजल सुविधा मुहैया कराने की योजना है। इसकी जिम्मेदारी जल निगम और नगर प्रशासन को मिली है। इस योजना में नगर पालिका देवरिया के देवरिया रामनाथ, उमानगर और भटवलिया वार्ड को चयनित किया गया है। तीनों वार्डों में पानी की बेहतर व्यवस्था के लिए दस करोड़ से अधिक रकम खर्च होंगे। जल निगम विभाग ने इसके लिए सर्वे पूरा कर लिया है। इन तीनों वार्डों में पेयजल की समस्या काफी दिनों से थी। अंडरग्राउंड पेयजल की पाइप लाइन सही तरीके से नहीं बिछने के चलते यह परेशानी थी। लगातार इसकी शिकायत भी नगर पालिका प्रशासन के पास पहुंच रही थी। लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल सका था। नगर पालिका और जल निगम प्रशासन की आपसी सहमति के आधार पर इन तीनों वार्डों का चयन किया गया है। जल निगम के एक्सईएन अरविंद कुमार ने बताया कि अमृत योजना के तहत तीनों वार्डों का चयन किया गया है। इन वार्डों में दस करोड़ से अधिक रुपये खर्च किया जाएगा है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
चार महीने बाद मिलेगी लोगों को राहत
जल निगम के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार का कहना है कि योजना के तहत काम पूरा होने में लगभग चार महीने लग जाएंगे। इसके बाद ही इसका लाभ लोगों को मिल सकेगा।
अन्य मोहल्लों में पानी की परेशानी
नगर पालिका देवरिया के 25 वार्डों में कई ऐसे वार्ड हैं जहां पानी सप्लाई की सप्लाई सुचारु रूप से नहीं पहुंचती है। इसके चलते लोगों को पानी के लिए दिक्कतें होती हैं। चयनित तीन वार्डों के अलावा ऐसे कई वार्ड हैं जहां पानी की संकट से लोग जूझ रहे हैं। सभी वार्डों को अमृत योजना के तहत पानी की समस्या से निजात देने की योजना है। भटवलिया वार्ड की करीब सात हजार आबादी है। लेकिन अधिकांश परिवारों में पानी का कनेक्शन नहीं है। जिन परिवार में पानी का कनेक्शन है। वहां सुचारु रूप से पानी की सप्लाई नहीं पहुंचती है।
टैंक और ट्यूबवेल का होगा निर्माण
इन वार्डों में टैंक, ट्यूबवेल का निर्माण और पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती होगी। चयनित वार्डों के एक-एक घरों में पानी का कनेक्शन पहुंचाना लक्ष्य है।
500 से अधिक परिवार पानी से वंचित
उमानगर वार्ड की छह हजार से अधिक की आबादी है। 500 से अधिक परिवार ऐसे हैं। जिनको पानी का कनेक्शन नहीं मिला है। इसके लिए नगर पालिका में वंचित परिवार के सदस्यों ने संपर्क भी किया। लेकिन पानी का कनेक्शन नहीं मिला। देवरिया रामनाथ वार्ड की करीब सात हजार आबादी है। लेकिन सुविधा गांवों जैसी है। पानी की आपूर्ति से 400 परिवार वंचित हैं। सभासद रीमा देवी ने इसके लिए नगर पालिका प्रशासन से मांग किया है। लेकिन अभी तक पानी सप्लाई कनेक्शन से परिवार नहीं जुड़ सकें हैं।
वाटर मीटर लगाने के नाम पर गोलमाल
शहर के अधिकांश घरों में लगा मीटर वाटर खराब हो गया है। हाल ही में मीटर वाटर लगाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। जल निगम विभाग का दावा है कि 19500 नया वाटर मीटर लगाया गया है। लेकिन इसके नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। लोगों का आरोप है कि विभागीय अफसरों की मिलीभगत से ठेकेदारों ने यह खेल किया है।