लार में कुपोषण से हुई मौत की जानकारी लेते अफसर
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लार। पल्लेदार पशुपति के घर पहुंचे सीडीओ ने कुपोषण से भाई-बहन की हुई मौत के मामले में जानकारी ली। ढाई घंटे के अंतराल पर हुए बच्चों की मौत पर अफसोस जताते हुए बोले कि वक्त से इलाज मिला होता तो शायद बच्चों की जान बच जाती। शासन से आर्थिक मदद दिलाने और आउटसोर्सिंग के जरिए रोजगार दिलाने की बात कही। वार्ड के अन्य बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और पानी की जांच कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। पूर्वांचल बैंक में पल्लेदार पशुपति का बैंक अकाउंट खुलवाया गया।
नगर के गयागिर वार्ड निवासी पल्लेदार पशुपति राजभर की सात वर्षीय बेटी खुशबू और पांच वर्षीय बेटा अजय की कुपोषण से गुरुवार को मौत हो गई। मंगलवार को सीडीओ, सीएमओ और जिला पूर्ति अधिकारी पल्लेदार के घर पहुंचे। सीडीओ ने उसकी माली हालत देखने के बाद मातहतों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वक्त से भोजन नहीं मिलने के कारण बच्चों के कमजोर होने की वजह से पीलिया जैसी बीमारी की चपेट में आने की बात कही। उन्होंने सीएमओ डॉ. रामनिवास से गयागिर वार्ड में मौजूद बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और हैंडपंपों की पानी की जांच कराने का निर्देश दिया। पशुपति का बैंक अकाउंट नहीं खुलने पर जिला पूर्ति अधिकारी केजी पांडेय ने एडीओ एसटी रामबचन राम पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद एडीओ एसटी अपनी बाइक से मजदूर को लेकर पूर्वांचल बैंक गए, जहां उसका बैंक अकाउंट खुला। सीडीओ ने कहा कि वास्तव में पशुपति की माली हालत खराब है। शासन-प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता दिलाई जाएगी। ईओ मनोज कुमार ने बताया कि आचार संहिता लगने से थोड़ी दिक्कत है, लेकिन आउटसोर्सिंग के जरिए मजदूर से सफाईकर्मी का काम नगर पंचायत में दिया जाएगा। एसडीएम से पल्लेदार की आर्थिक आधार पर रिपोर्ट तैयार कर मांगा गया है।