बरहज। महेन-मोहरा बांध में रिसाव होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यदि बांध टूटा तो 25 गांव में तबाही मच सकती है। बरहज में बाढ़ मापक गेज पर घाघरा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। इससे पटेल नगर मोहल्ले सहित जहाज घाट की सभी सीढ़ियां डूब गई हैं। छह से अधिक गांव में पानी घुस गया है। बाढ़ के पानी को रोकने के लिए गांववाले श्रमदान कर रहे हैं।
बाढ़ से गांवों को सुरक्षित करने के लिए 80 के दशक में सिंचाई विभाग ने महेन-मोहरा के बीच करीब छह किलोमीटर बांध का निर्माण कराया गया। 2008 में विभाग ने इसकी लंबाई एक किलोमीटर और बढ़ाया। घाघरा नदी में बढ़ रहे पानी से इस बांध में रिसाव होने लगा। सूचना पर आला अधिकारियों के कान खड़े हो गए। सिंचाई विभाग के एई अशोक कुमार, मदनपुर एसओ ज्ञानप्रकाश पाठक, लेखपाल चन्द्रभूषण त्रिपाठी, निशांत कुमार आदि मौके पर पहुंच गए। दोनों गांव के ग्राम प्रधान रामप्रताप सिंह और रिंकू गुप्ता, पवन उर्फ दरोगा सिंह आदि का कहना है कि बांध के टूटने से महेन, मोहरा, समोगर, भदिला दोयम, मनियापार, दुबौली और बरांव सहित 25 गांव प्रभावित होंगे। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी को रोकने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया गया है।
इंसेट-
एडीएम प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों की सुधि ली
बरहज। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से परसियां, विशुनपुर देवार के करीब 25 टोलों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों का जीवन दुरुह हो गया है। एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्त ने ग्राम प्रधान अशोक यादव, पतिराम के साथ बाढ़ पीड़ितों से मिलकर हर सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।