देवरिया। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। सीएम और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया। नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार से आंदोलन को और तेज करने की बात कही है। शिक्षामित्रों के धरने के कारण परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को रद्द करने के बाद शिक्षामित्र आंदोलित हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिलेभर के शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। संयुक्त समायोजित शिक्षक, शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले दिए गए धरना को संबोधित करते हुए मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्मम निर्णय देने से पूर्व अपने विवेक का परिचय दिया होता तो यह नौबत नहीं आती। प्रदेश में इतने शिक्षामित्रों की मौत नहीं होती। इस निर्णय के खिलाफ शिक्षामित्र हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जन संस्कृति मंच के साथ ही प्राथमिक शिक्षक संघ का भी समर्थन मिल रहा है। संरक्षक संजय पांडेय ने कहा कि आंदोलन को मिल रहे समर्थन से यह तय हो गया है कि सफलता जल्द मिलने वाली है। धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय प्रचार मंत्री विजय सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की लड़ाई में उनका संगठन साथ खड़ा है। जयप्रकाश यादव ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों को भूखमरी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। यदि शिक्षक संघ एकजुट हुए तो सरकार को गिराया जा सकता है। हौशिला द्विवेदी ने कहा कि समायोजन रद्द करना सोची-समझी चाल थी। धरने को यशवंत सिंह, मनोज सिंह, रामपाल सिंह, सुनील राव आदि ने भी संबोधित किया। धरना के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया गया है। इसमें शिक्षामित्रों को पुन: सहायक शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग की गई है। इस दौरान संगीता मौर्या, मंजू सिंह, अंजू पांडेय, पुष्पा पाठक, रंभा पांडेय, नरेंद्र, सत्येंद्र सिंह, कमलेश, विनय, अंकलेश्वर आदि मौजूद रहे।