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इंसानियत के खेल में भी अव्वल निकले खिलाड़ी
40 मिनट तक एंबुलेंस व पुलिस नहीं पहुंची तो घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया
खुखुंदू के मुंडेरा गांव के पास बस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुआ था बाइक सवार
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देकर लौट रहे मयूर और देवेश को शनिवार की सुबह सलेमपुर-देवरिया मार्ग पर मुंडेरा में इंसानियत की परीक्षा देनी पड़ी। इस खेल में भी वे अव्वल साबित हुए। दरअसल, सड़क पर घायल हाल में पड़े बाइक सवार की मदद की बारी आई तो वे अपने को नहीं रोक पाए और घायल बाइक सवार को मदद की पहल की। एंबुलेंस व पुलिस का इंतजार किए बगैर घायल को अस्पताल ले जाकर भर्ती कराए।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के छोटी रार गांव के रहने वाले सोनू यादव (22) शनिवार को देवरिया आए थे। काम निपटाने के बाद बाइक से घर जा रहे थे। दिन में दो बजे वह खुखुंदू थाना क्षेत्र के मुंडेरा के समीप पहुंचे थे कि सामने से आ रही रोडवेज की बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद चालक बस छोड़कर फरार हो गया। गुस्साए लोगों ने बस पर पथराव किया। उधर, गंभीर रूप से घायल युवक सड़क के किनारे गिरकर छटपटाने लगा और लोगों की भीड़ जुट गई। एंबुलेंस और 100 नंबर पर पुलिस के लिए लोग फोन कर रहे थे, लेकिन 40 मिनट बाद भी एंबुलेंस व पुलिस नहीं पहुंची। युवक को इलाज मुहैया कराने की बजाए लोग मूकदर्शक बने रहे। इसी बीच मुसैला से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देकर बाइक से देवरिया आ रहे रामनाथ देवरिया मोहल्ले में रहने वाले मयूर मणि त्रिपाठी और रामगुलाम टोला के देवेशधर द्विवेदी भी वहां पहुंच गए। दोनों ने युवक को छटपटाते और तमाशबीन बने लोगों के बीच कोई हलचल न देखकर घायल युवक को बचाने के लिए अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने उधर से गुजर रही एक पिकअप को रोका और घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराए। युवक का एक पैर फ्रैक्चर हो गया है। हेलमेट लगाने के बावजूद सिर में चोट आई है। सूचना के बाद युवक के घर वाले अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद सोनू को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
इनसेट
खुद ही स्ट्रेचर से घायल को पहुंचाया
देवरिया। मयूर और देवेश पिकअप से सोनू को लेकर जब इमरजेंसी में पहुंचे तो स्ट्रेचर तक बाहर नहीं था और न ही कोई कर्मचारी। अपने हाथ से युवक स्ट्रेचर को लाकर घायल को अंदर ले गए। इस दुर्व्यवस्था पर लोग जिम्मेदारों को कोसते रहे। मौजूद लोगों ने सिस्टम को कोसा।