गन्ना पर्ची वितरण में गड़बड़ी पर किया हंगामा
नियमों को दरकिनार कर पर्ची बांटने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापपुर। क्षेत्र के गन्ना किसानों ने गुरुवार को प्रतापपुर चीनी मिल पर गन्ना पर्ची वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। गन्ना आयुक्त के निर्देशों को दरकिनार कर पर्ची का निर्धारण किया जा रहा है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मिल प्रबंधन के लोगों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप था कि गन्ना आयुक्त लखनऊ की ओर से 10 अगस्त को जारी आदेश के तहत गन्ना उपज के 85 फीसदी के आधार पर गन्ना पर्ची की निकासी होनी चाहिए। इसे दरकिनार कर मिल प्रशासन 55 फीसदी के आधार पर ही गन्ना पर्ची का निर्धारण कर रहा है। इसके अलावा किसानों के पिछले 3 वर्षों की गन्ना आपूर्ति को भी आधार मानकर गन्ना पर्ची का निर्धारण किया गया है। इससे किसानों का गन्ना गिराने वाली पर्ची का कोटा कम बना है। इससे किसानों को गन्ना गिराने में काफी विलंब होगा और परेशानी भी बढ़ेगी। उनकी गेहूं की बुवाई भी प्रभावित हो जाएगी। किसानों ने बताया कि पहले पर्ची की छपाई का निर्धारण मिल व केन यूनियन के माध्यम से होता था। अब प्रदेश सरकार के माध्यम से यह काम एक प्राइवेट एजेंसी को दे दिया गया है। इसके चलते पर्ची में सुधार होना मिल प्रशासन असंभव बता रहा है। किसानों ने बताया कि फैक्ट्री उस प्राइवेट एजेंसी को प्रतिदिन की गन्ना आपूर्ति का इंडेन देगा। उसके आधार पर ही पर्ची निकलेगी। इससे उनके सामने गन्ना पर्ची की समस्या उत्पन्न हो गई है। किसानों ने गन्ना पर्ची का निर्धारण पूर्व की भांति किए जाने की मांग की है। दूसरी तरफ मिल प्रशासन का कहना है कि गन्ना पर्ची का निर्धारण शासन ने प्राइवेट एजेंसी को दिया है, इससे समस्या उत्पन्न हुई है। विरोध प्रदर्शन में प्रतापपुर केन यूनियन के डायरेक्टर बैरिस्टर सिंह, बागेश्वरी दुबे, श्रीराम सिंह, भगवती पांडेय आदि किसान मौजूद रहे।