रोकने से नाराज होकर राम गोविंद चौधरी समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
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मईल/लार रोड (देवरिया)। बालगृह कांड के खिलाफ जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को पुलिस ने बलिया बॉर्डर पर भागलपुर चेकपोस्ट के पास रोक लिया। आगे जाने को लेकर उनकी पुलिस ने तीखी नोक-झोंक हुई। उच्चाधिकारियों का निर्देश बताकर पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद वह मौके पर ही धरने पर बैठ गए। भागलपुर पक्का पुल पर करीब 40 मिनट तक धरना दिया। बाद में मईल एसओ ने एसपी से उनकी वार्ता कराई। एसपी ने सिर्फ एक वाहन से आने की शर्त पर धरने में शामिल होने की अनुमति दी। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। गृह मंडल में शर्मनाक वारदात पर मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम बहादुर सिंह, गुलाब यादव, रोशन यादव, राम बदन यादव, धर्मेंद्र यादव और प्रिंस कुमार आदि मौजूद रहे।
पूर्व सांसद, पूर्वमंत्री और पूर्व विधायक भी रोके गए
देवरिया। मुख्यालय पर सपा के धरने में शामिल होने जा रहे पार्टी नेताओं को जिले की सीमा में जगह-जगह रोका गया। हालांकि पुलिस से हल्की झड़प के बाद सभी जिला मुख्यालय तक पहुंच गए। कसया से आ रहे पूर्व सांसद बालेश्वर यादव के काफिले को जिले की सीमा में मुंडेरा गढ़रामपुर में पहुंचते ही रोक दिया गया। तरकुलवा पुलिस से उनकी तीखी नोक-झोंक हुई। पूर्व सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति मिली। हाटा से आ रहे सपा सरकार के एक पूर्वमंत्री को गौरीबाजार पुलिस ने वकीलगंज चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। 60 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बखरा इंटर कॉलेज में पुलिस ले गई। खरोह चौराहे पर रामपुर कारखाना की पूर्व विधायक गजाला लारी का काफिला रोका गया। प्रतिबंध को दरकिनार कर वह धरने में शामिल हुईं। गौरीबाजार में सपाइयों ने चक्काजाम की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते विफल रहे।