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फौजी का शव पहुंचा घर

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देवरिया। जम्मू-कश्मीर में उरी हमले से पहले पेट्रोलिंग के दौरान पैर फिसलने से गिरकर घायल सेना के जवान की मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचा। मुआवजे की मांग कर रहे लोगों ने सुपुर्द-ए-खाक करने से रोक दिया। तीन घंटे बाद एसडीएम सदर के आश्वासन पर लोग माने।
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रामपुर कारखाना के हरखौली गांव के आजाद अंसारी 2003 में पढ़ाई के दौरान ही बनारस में सेना भर्ती मेले में सेलेक्ट हो गए थे। उनकी अधिकतर तैनाती जम्मू-कश्मीर में ही बीता। पिछले साल श्रीनगर में उनकी तैनाती थी। 16 सितंबर को पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि नजर आई। साथियों संग मोर्चा संभालते समय पैर फिसला और वह पहाड़ से नीचे गिर गए। उन्हें गंभीर चोट आई थीं। उनके कुछ और साथी भी घायल हुए थे। उधमपुर के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 11 महीने के उपचार के बाद वहां से दिल्ली के आरआर कमान हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। 31 अगस्त को उन्हें पुणे के लिए रेफर किया। दिल्ली से पुणे दुरंतो एक्सप्रेस से ले जाया जा रहा था। ट्रेन मथुरा के पास पहुंची थी कि उनकी स्थिति बिगड़ गई। साथ में चल रहे एक जवान ने विभागीय उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिम्मेदारों ने रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर ट्रेन रुकवा दिया और एंबुलेंस से पुणे अस्पताल में भर्ती कराया। दो बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार की सुबह आठ बजे निजी एंबुलेंस से उसका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। शव के साथ आए पांच आर्मी के जवानों हवलदार गणेश बहादुर, लांस नायक संजय गुरूंग, विशाल क्षेत्री, सूबेदार नवीन गुरूंग, सूबेदार विजय गुरूंग ने सलामी दी। दोपहर 12.10 पर सदर एसडीएम और सीओ पहुंचे। परिजन और गांव के लोग नाराज हो गए। डीएम और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी मान-मनौव्वल के बाद तीन बजे के करीब जनाजा उठाया गया।

पार्थिव शरीर के अपमान का आरोप
बड़े भाई अनीश और पत्नी शबाना खातून ने प्रशासन पर सेना के जवान के पार्थिव शरीर के अपमान का आरोप लगाया। गांववालों ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर नाराजगी जताई और सवाल उठाया। उसके साथ पढ़े गांव के अलाउद्दीन और बगल गांव बसंतपुर के मित्र भानु प्रताप ने कहा कि मातृभूमि के प्रति समर्पित दोस्त को खो दिया है। एसडीएम सदर राकेश सिंह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद गांव के बगल में स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सीओ सिटी संदीप सिंह, एसओ रामपुर कारखाना प्रभातेश कुमार, पूर्व मंत्री शाकिर अली, मुन्ना त्रिपाठी, कमलेश पांडेय, धर्मेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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