बघौचघाट। पवित्र रमजान माह इबादत, सब्र और त्याग का संदेश देता है। इस मुकद्दस महीने में जहां बड़े-बुजुर्ग पूरी श्रद्धा के साथ रोजा रख रहे हैं, वहीं छोटे बच्चे भी अपने जज्बे और आस्था से सभी को प्रेरित कर रहे हैं।
पथरदेवा विकासखंड के बरईपट्टी गांव निवासी मोहम्मद इस्तखार अहमद की 10 वर्षीय बेटी साइमा परवीन ने शुक्रवार को अपना 16वां रोजा मुकम्मल कर लिया। वह पहली बार रोजा रख रही है। कम उम्र में लगातार रोजा रखक
र साइमा ने पूरे क्षेत्र में मिसाल पेश की है। साइमा ने पूरे उत्साह और हिम्मत के साथ रोजा रखा। परिवार के सदस्यों के अनुसार वह प्रतिदिन समय से सहरी करती है और पूरे दिन सब्र के साथ इबादत में लगी रहती है। नमाज अदा करने के साथ ही वह कुरआन शरीफ की तिलावत भी करती है। उसके इस लगन और समर्पण को देखकर घर-परिवार ही नहीं बल्कि गांव और आसपास के लोग भी काफी प्रभावित हैं। रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना माना जाता है। इतनी कम उम्र में रोजा रखकर साइमा परवीन ने यह साबित कर दिया कि सच्ची नीयत और दृढ़ विश्वास से कोई भी कार्य कठिन नहीं होता। साइमा ने बताया कि वह अपने इबादत में देश की तरक्की के लिए दुआ करती है।