किफायती ब्याज दर पर मिलेंगे दस हजार रुपये लोन
पीएम स्वनिधि से दूर होगी पटरी व्यवसायियों की आर्थिक तंगी
पंजीकृत शहर के पटरी व्यवसायियों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लॉकडाउन में बंद पड़े पथ व्यवसाय को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार आर्थिक मदद दे रही है। पीएम स्वनिधि के माध्यम से शहरी क्षेत्र में ठेला, खोमचा लगाने वालों को सस्ते ब्याज दर पर दस हजार रुपये लोन दिए जाएंगे। साथ ही उन्हें डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। योजना की विस्तृत गाइडलाइन शासन ने डूडा को भेजी है।
कोरोना महामारी के चलते 25 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद अन्य प्रतिष्ठानों के साथ पथ व्यवसाय भी पूरी तरह ठप हो गए। दो माह की बैठकी में व्यवसायियों की पूंजी भी टूट चुकी है। धनाभाव में वह दोबारा अपना व्यवसाय नहीं कर पा रहे। ऐसे कारोबारियों को स्वनिधि के माध्यम से दस हजार रुपये लोन दिए जाएंगे। समय से ब्याज अदा करने वालों को ब्याज में सब्सिडी मिलेगी। अगली बार ऋण के लिए आवेदन करने पर उन्हें महज सात प्रतिशत ब्याज की दर से और अधिक लोन लेने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के लिए पथ विक्रेता स्वयं सहायता समूह, एएलएफ, या सीएलएफ के सदस्य से संपर्क कर सकते हैं।
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पंजीकृत पथ विक्रेताओं को मिलेगा लाभ
सर्वेक्षण में पंजीकृत पथ विक्रेताओं को ही पीएम स्वनिधि का लाभ दिया जाना है। हालांकि, शहर में करीब पांच हजार पटरी व्यवसायियों में महज 2645 का ही पंजीकरण हो पाया है। वंचित पथ विक्रेता स्थानीय निकाय में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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डिजिटल लेन-देन पर मिलेगा कैशबैक
पटरी व्यवसायियों के डिजिटल लेनदेन पर सरकार प्रोत्साहन दे रही है। एमएफआई एजेंट पथ विक्रेताओं से संपर्क कर उन्हें डिजिटल लेनदेन के लिए प्रशिक्षण देंगे। पहले 50 लेनदेन पर 50 रुपये, अगले 50 लेनदेन पर 25 रुपये अतिरिक्त, अगले सौ लेनदेन पर अतिरिक्त 25 रुपये पथ विक्रेताओं को कैशबैक मिलेंगे। 25 से अधिक प्रत्येक लेनदेन की गिनती की जाएगी।
वर्जन
लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी के शिकार हुए पटरी व्यवसायियों की मदद के लिए पीएम स्वनिधि के माध्यम से दस हजार रुपये लोन दिया जाएगा। जो पथ विक्रेता पंजीकृत नहीं हैं, वे स्थानीय निकाय में आवेदन देकर अपना पंजीकरण करा लें।
- विनोद कुमार मिश्र, पीओ डूडा।